पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:गौ की रक्षा इसलिए करें कि मनुष्य के जीवन की रक्षा हो
कुछ लोगों के संकल्पों ने दुनिया बदल दी है। आज की तिथि है वैशाख शुक्ल नवमी। आज अश्लेषा नक्षत्र भी है। विद्वानों का कहना है इस दिन अग्रवाल समाज के पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन ने एक यज्ञ का संकल्प लिया था, जो 17 दिन तक चला था। 18वें दिन उन्होंने शपथ ली कि पशु बलि नहीं दी जाएगी और मेरा वंश आज से क्षत्रिय के स्थान पर वैश्य धर्म स्वीकार करेगा। ये तिथि 12 मई को आएगी। उन्होंने कहा था अब मेरा वंश वाणिज्य, कृषि और गोसेवा- इसे सेवा मानकर ही करेगा। आज तक ऐसा हो भी रहा है। 27 अप्रैल को गो-सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। गौ को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए, इसका एक ही अर्थ है कि लोगों को समझना पड़ेगा परमात्मा की प्रतिनिधि प्रकृति होती है और प्रकृति की जीती-जागती प्रतिनिधि गो-माता हैं। गाय को बचाने से मनुष्य के जीवन में जो-जो बातें अच्छी होंगी, उनमें से एक यह होगी कि शांति उतरेगी। 27 अप्रैल को संकल्प लें- हम गौ की रक्षा इसलिए करेंगे कि मनुष्य की रक्षा हो सके।