
भारतीय नौसेना के कैपस्टोन युद्धक्षेत्र स्तरीय परिचालन अभ्यास (ट्रोपेक्स) का वर्ष 2025 का आयोजन जनवरी से मार्च तक तीन महीने की अवधि में किया गया। इस माह की शुरुआत में समाप्त हुए इस अभ्यास से नौसेना परिचालन संबंधी सिद्धांतों की पुष्टि करने में मदद मिली।
अभ्यास में एक जल-स्थलीय अभ्यास – एम्फेक्स, लक्ष्य पर युद्ध सामग्री की सटीक डिलीवरी पर केंद्रित एक संयुक्त कार्य प्रणाली, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और एक सामरिक चरण शामिल था ।
इस अभ्यास से राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समन्वित और एकीकृत तरीके से विविध चुनौतियों का जवाब देने की नौसेना की क्षमता का मूल्यवान बेहतर हुआ।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित हिंद महासागर में आयोजित इस अभ्यास का संचालन क्षेत्र उत्तर से दक्षिण तक 35 डिग्री दक्षिण अक्षांश तक लगभग 4300 समुद्री मील और पश्चिम में होर्मुज जलडमरूमध्य से पूर्व में सुंडा और लोम्बोक जलडमरूमध्य तक 5000 समुद्री मील तक फैला हुआ था। ट्रोपेक्स 25 में भारतीय नौसेना के 65-70 जहाज, 9-10 पनडुब्बियां और विभिन्न प्रकार के 80 से अधिक विमानों ने भाग लिया। इस अभ्यास ने अन्य सेवाओं के साथ युद्धक्षेत्र स्तर के परिदृश्यों की योजना और निष्पादन में बहुत उच्च स्तर की परिचालन तालमेल हासिल की। इसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की इकाइयों की व्यापक भागीदारी देखी गई, जिसमें सुखोई-30, जगुआर, सी-130, फ्लाइट रिफ्यूलर और अवाक्स विमान, इन्फैंट्री डिवीजन के 600 से अधिक सैनिकों और भारतीय तटरक्षक बल के 10 से अधिक जहाज शामिल थे ।

ट्रोपेक्स 25 ने भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों और युद्ध के लिए सामग्री तत्परता का आकलन करने के लिए तैयार किए गए गहन परिचालन अभियान की सफल परिणति को चिह्नित किया। इस अभ्यास में युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल रहने की नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की