
राजस्थान पुलिस की ओर से प्रदेश में 31 मार्च तक सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिला और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत सुरक्षा सखी अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से महिलाओं और बालिकाओं से संपर्क कर उनको महिला संबंधी कानूनों की जानकारी देंगी साथ ही महिलाओं द्वारा बताई गई समस्याओं या सुझावों के बारे में जानकारी लेकर पुलिस को अवगत करवाएंगी। अतिरिक्त महानिदेशक मालिनी अग्रवाल ने बताया कि महिला सखी सुरक्षा पखवाड़ा एक अभियान है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। आपको बतादे की प्रत्येक एसएचओ द्वारा 3 सुरक्षा सखियों को अभियान में भाग लेने के लिए चिन्हित किया गया है. साथ ही उनके कार्यों की समीक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। दरअसल, यह पखवाड़ा महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करता है और उन्हें हिंसा और उत्पीड़न से बचाने के लिए विभिन्न संसाधनों और सेवाओं तक पहुंचने में मदद करता है. एसएचओ की ओर से चिन्हित की गई सुरक्षा सखियां महिला अत्याचार से संबंधित कानून और उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी देंगी।