Home राजनीति लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 126वें प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 126वें प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 126वें प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अधिकारियों को उनकी पदोन्नति और भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने पर बधाई दी। उन्‍होंने अधिकारियों से अपनी नई भूमिका में दूसरों को प्रेरित करने और अपने काम से उदाहरण पेश करने को कहा। राष्‍ट्रपति ने अधिकारियों से आस-पास के लोगों को सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता हासिल करने के प्रयास के लिए प्रेरित करने को भी कहा। राष्‍ट्रप‍ति ने उनसे प्रशासनिक कामकाज और सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि शासन का सार लोगों की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के दायित्‍व और इसके प्रति संवेदनशीलता में निहित है। उन्‍होंने कहा कि नागरिक-केंद्रित शासन गरीबों और वंचितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लोक कल्याण को प्राथमिकता देता है। राष्‍ट्रपति ने अधिकारियों से सुनिश्चित करने की सलाह दी कि नीतियां और कार्यक्रम इस तरह लागू हों जिससे लोगों की समस्‍याओं का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी जो भी निर्णय लेंगे और नीतियां लागू करेंगे उनका देश और लोगों के विकास में योगदान होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण क्षरण की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल पहल को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही यह भी जरूरी है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों और सामाजिक हाशिए पर पड़े लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपने कामकाज में निरंतरता और समावेशिता के सिद्धांत बनाए रखने को कहा।

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