
केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेन्द्र यादव एवं पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कलक्ट्रेट सभागार में अलवर दुग्ध उत्पादक संघ की समीक्षा बैठक ली।
केंद्रीय मंत्री यादव ने बैठक में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अलवर जिले में नवीन दुग्ध संयंत्र की बजट घोषणा करने पर साधुवाद दिया। उन्होंने जिले में दुग्ध उत्पादक संघ के स्ट्रक्चर, उसके संचालन व दूध के उत्पादन आदि विषयों की समीक्षा करते हुए कहा कि अलवर जिले की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर यहां डेयरी फार्मिंग की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अलवर डेयरी को आदर्श डेयरी के रूप में विकसित कर पशुपालकों व किसानों को सहकार से समृद्धि की ओर ले जाने की दिशा में पांच बिन्दुओं पर गंभीरता से कार्य किया जाना है। उन्होंने कहा कि अलवर दुग्ध उत्पादक संघ की क्षमता संवर्धन व तकनीकी सुधार, इसके इंस्फ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि, कार्मिकों की केपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण, मार्केटिंग, किसानों में जागरूकता व उनको वित्तीय सपोर्ट की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाकर उसे अमल में लाएं। उन्होंने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत किसानों को मिलने वाले लाभों को विस्तारपूर्वक उन तक पहुँचाने के निर्देश भी दिए गए।
वेटेनरी कॉलेज खोलने के प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश –
केंद्रीय मंत्री यादव ने अलवर सरस डेयरी को वेटेनरी कॉलेज खोलने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि वेटेनरी कॉलेज जिले के युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा जिससे स्किल्ड युवा तैयार होंगे तथा जिले का डेयरी सिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख डेयरियों की तर्ज पर अलवर सरस डेयरी के द्वारा दुग्ध उत्पादक कार्यों के साथ-साथ अन्य सह गतिविधियां प्रारम्भ करने की कार्य योजना बनाएं।
किसान मेला लगाने की करें तैयारी-
उन्होंने जिला प्रशासन व डेयरी प्रबंधन को निर्देशित किया कि कृषि विज्ञान केंद्र नौगांवा का सहयोग लेकर किसानों व पशुपालकों को केंद्र व राज्य सरकार की पशुपालकों व किसानों के कल्याण की योजनाओं के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य के तहत जिले में बडा मेला लगाए जाने की तैयारियां करें। उन्होंने कहा कि इस मेले में शिरकत करने हेतु मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आमंत्रित किया जाएगा।
पशुपालन एवं डेयरी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर-

यादव ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित पशुपालन और डेयरी से संबंधित योजनाओं का लाभ क्रमबद्ध तरीके से किसानों को मिले। उन्होंने पशुपालकों को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, ताकि वे अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पशुओं की बीमारियों का प्राथमिक स्तर पर निराकरण भी कर सकें।
अलवर के प्रसिद्ध कलाकंद के उत्पादन को आधुनिक बनाने पर सुझाव-
उन्होंने कहा कि अलवर के प्रसिद्ध कलाकंद के निर्माण में वर्तमान में मानव श्रम का उपयोग अधिक होता है, लेकिन अब इसे मशीनों की सहायता से अधिक कुशलता से तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरस डेयरी ऐसा उत्पाद विकसित करे, जिसकी पूरे देश में आपूर्ति हो सके। इसके लिए प्रीमियम मार्केट का सर्वेक्षण करने और रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
आरसीडीएफ लि. की प्रशासन एवं प्रबंध संचालक डॉ. श्रुति भारद्वाज ने पीपीटी के माध्यम से अलवर जिला दुग्ध उत्पादक संघ की संरचना, दुग्ध संकलन, उत्पादन के साथ उसकी क्षमता संवर्धन आदि विषयों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अलवर डेयरी में 5 लाख लीटर क्षमता का नवीन संयंत्र लगाने की बजट घोषणा राज्य सरकार द्वारा की गई है। इसके लिए लगभग 100 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति प्रदान की है। जिसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।
जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने विश्वास दिलाया कि जिला दुग्ध उत्पादक संघ से समन्वय कर बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना कराई जाएगी।
बैठक में जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, सरस डेयरी के चेयरमेन विश्राम गुर्जर एवं संचालन मंडल के सदस्यगण, एडीएम द्वितीय योगेश डागुर, नाबार्ड के डीडीएम प्रदीप चौधरी, सरस डेयरी के पूर्व चेयरमैन बन्नाराम मीणा, आरसीडीएफ लि. की संस्थागत विकास अधिकारी सुरभि शर्मा, अलवर दुग्ध संघ के प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सेन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।