
भांकरोटा स्थित, राजस्थान कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन, जयपुर द्वारा “सतत प्रौद्योगिकी के लिए विकसित होता परिदृश्य” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन का आज शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्देश्य सतत (सस्टेनेबल) तकनीकी विकास में महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करना और नवाचार, अनुसंधान एवं उद्योग जगत के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है।

इस सम्मेलन में यूनाइटेड नेशंस के डिजिटल डिप्लोमेट एवं प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर डॉ डीपी शर्मा ने अपने प्रारंभिक उद्बोधन में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी एवं ग्रीन कंप्यूटिंग पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि तकनीकी एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, यूसेज एवं डिस्पोजल तक पूरे लाइफ साइकिल में हमें ग्रीन स्टैंडर्ड्स एवं प्रैक्टिसेज को अपनाना होगा तभी हम कार्बन एमिशन को कम कर करते हुए सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और इस पूरी धरा को मीनिंगफुल, यूजफुल पर्पजफुल एवं फ्रूटफुल विज्ञान एवं तकनीक के आविष्कारों से शुखद् प्लेनेट बना सकते हैं।
सम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने तकनीकी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। यह दो दिवसीय सम्मेलन प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और सतत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हैं. जिसमें देश भर के शोधकर्ता, शिक्षाविद, उद्योग विषय विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में देश के कौने कौने से अभियांत्रिकी एवं तकनीक से जुड़े अनेक शिक्षाविदों ने भी अपने विचार रखे जिसमें हरियाणा, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, कोलकाता, महाराष्ट्र, गुजरात, चेन्नई, और दिल्ली से लगभग 20 विषय विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किये। कॉलेज निदेशक डॉ अरिहंत खींचा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और कॉन्फ्रेंस की सफलता के लिए कामना की।