Home ऑटो MLA को नहीं बुलाना महंगा पड़ा ADM को !, डीग के एडीएम पर ग‍िरी गाज

MLA को नहीं बुलाना महंगा पड़ा ADM को !, डीग के एडीएम पर ग‍िरी गाज

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26 जनवरी के कार्यक्रम में डीग विधायक डॉ शैलेश को ADM ने बुलाया ही नहीं और इसके चलते अदम पर अब गाज गिर गई हैं।
गणंतत्र द‍िवस के कार्यक्रम में व‍िधायक को नहीं ADM को महंगा पड़ गया। 26 जनवरी के कार्यक्रम में डॉ शैलेश को आमंत्रित ही नहीं किया।
इसके ल‍िए व‍िधायक ने नाराजगी जताते हुए सीएम से श‍िकायत करने की बात कही। बीजेपी व‍िधायक डॉ. शैलेश स‍िंह को एडीएम ने गणतंत्र द‍िवस के कार्यक्रम में नहीं बुलाया था. इसकी वजह से नाराज हो गए थे. आपको बता दे की डॉ शैलेश पूर्व मंत्री डॉ दिगम्बर सिंह के बेटे हैं और दिगम्बर सिंह बीजेपी की राजनीती में बड़ा नाम था। वे पार्टी के बड़े नेताओ में से एक थे उन्हें पूर्व मुख्यम्नत्री वसुंधरा राजे गुट का महत्वपूर्ण सिपेसालार माना जाता था

प्रशासनिक कार्यवाही के चलते डीग ज‍िले के एडीएम संतोष मीणा को एपीओ कर द‍िया गया है। ऐसा माना जा रहा है क‍ि गणतंत्र द‍िवस पर व‍िधायक को न‍िमंत्रण नहीं देने पर कार्रवाई हुई है। डीग व‍िधायक डॉ. शैलेश ने नाराजगी दिखाते हुए मीडिया के सामने अपना बयान जारी किया था. उन्होंने कहा था, “मैं अपनी बात को सरकार और मुख्यमंत्री तक पहुंचाऊंगा, जिस प्रकार मुझको गणतंत्र दिवस समारोह पर नजरअंदाज किया गया है, जो एडीएम की लापरवाही है. मैं लिखित में इसकी शिकायत करूंगा.” जिस मामले को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने और सरकार ने एडीएम की लापरवाही मानते हुए एडीएम को एपीओ कर दिया है।
एपीओ मामले को लेकर जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने बताया कि एपीओ की जानकारी हमारे पास आ चुकी है। लेकिन यह प्रशासनिक मामला है। गणतंत्र द‍िवस पर डीग-कुम्‍हेर व‍िधायक शैलेश स‍िंह को न‍िमंत्रण नहीं भेजा गया था. व‍िधायक शैलेश ब‍िना बुलाए ही कार्यक्रम में पहुंच गए. उन्होंने एडीएम संतोष मीणा से नाराजगी जाह‍िर की। उन्होंने कहा क‍ि ज‍िला मुख्‍यालय पर आयोज‍ित गणतंत्र द‍िवस पर कार्यक्रम को सूचना नहीं दी गई। जबक‍ि, वह क्षेत्र के व‍िधायक हैं। उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई।
पार्टी के पदाध‍िकार‍ियों और कार्यकर्ताओं को कैसे सूचना म‍िली। उन्होंने सवाल उठाया था। इसके बाद व‍िधायक ने कहा था क‍ि सीएम को लेटर ल‍िखकर एडीएम के ख‍िलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। अपनी सफाई में एडीएम संतोष मीणाने कहा क‍ि न‍िमंत्रण तहसीलदार से भेज द‍िया गया था। उन्हें व‍िधायक के घर जाकर न‍िमंत्रण देने के ल‍िए कहा गया 

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