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बैंकॉक “आईसीईईई 2025”- अंतर्राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस में तकनीकी की बहुआयामी चुनौतियों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एथिकल, जिम्मेदार एवं मानवीय उपयोग के लिए नए वैश्विक अंतरराष्ट्रीय कानून एवं नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत- डॉ डीपी शर्मा

बैंकॉक, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वारा आईंसीईईई 2025 (ICEEE2025) अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस का आयोजन किया गया जिसमें कंप्यूटर वैज्ञानिक एवं डिजिटल डिप्लोमेट डॉ डीपी शर्मा भी पहुंचे।

कंप्यूटर वैज्ञानिक एवं यूनाइटेड नेशन से जुड़े डिजिटल डिप्लोमेट डॉ शर्मा ने बताया कि विभिन्न तकनीकों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा उत्पन्न अवसरों के अंधाधुंध दोहन के साथ मानव की सुरक्षा एवं मानवी मूल्यों को संतुलित करने की आवश्यकता है।

डॉ शर्मा ने कहा कि हम तकनीकी विकास की दुनियां में विश्व स्तर पर पीछे तो नहीं जा सकते परंतु भविष्यगामी तकनीकी चुनौतियों के लिए सावधान रहते हुए नए तरीके एवं कानून बना सकते हैं। डॉ शर्मा ने जोर देकर कहा कि कोई भी टेक्नोलॉजी अपने विकास के साथ विकार को भी लेकर आती है और यही विकार एथिकल, जिम्मेदार एवं मानवीय सीमाओं को तोड़कर यदि मानवीय मूल्यों को चुनौती देते हैं तो वे मनुष्य जाति के लिए खतरनाक साबित हो सकते ते हैं। आज हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार, नैतिक एवं मानवीय धारणाओं और नियमों के तहत ही इस्तेमाल करने की सोचना चाहिए तभी यह मनुष्य जाति के लिए वरदान साबित होगी वरना यह तकनीकी अभिशाप भी बन सकती है।

अपने स्पीच में, डॉ शर्मा ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यद्यपि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति लाने की अपार क्षमता है, परंतु इसके अनियंत्रित और अनैतिक उपयोग से मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम होता है। उन्होंने कहा कि एआई के लाभों का दोहन करने में एक “जिम्मेदार और मानवीय रवैया” सर्वोपरि होगा तभी इन सभी तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की पीढ़ियों के लिए “शाप” के बजाय “वरदान” में बदला जा सकता है।

डॉ शर्मा ने आगे एआई प्रौद्योगिकियों के विकास और कार्यान्वयन को संचालित करने के लिए एक मजबूत “वैश्विक नियामक ढांचा और कानून”बनाने के लिए सभी का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुरुपयोग को रोकने और दुनियां भर में नैतिक और जिम्मेदार एआई प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए इस तरह का नियामक ढांचा आवश्यक है।

इस अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में क्वांटम मैकेनिक्स, डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी, पावर सिस्टम, सेंसर टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में प्रमुख विशेषज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।

लंदन (GMT+1) के बैंकॉक समय पर आयोजित की गई, इस इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कांग्रेस में विभिन्न प्रकार की अत्याधुनिक अनुसंधान और प्रगति संबंधी तकनीकी शोध पत्रों का प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
प्रोफेसर व्लादिमीर चिग्रिनोव (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हांगकांग): “क्वांटम-मैकेनिक्स: सिद्धांत, अनुप्रयोग और संभावनाएं”
प्रोफेसर आनंद नाय्यार (ड्यू टैन यूनिवर्सिटी, विएट नाम): “5 जी नेटवर्क से परे वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (डीएलटी) की भूमिका”
प्रोफेसर एमिरेट्स अलेक्जेंडर राम (कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए): “कई छोटे कणों द्वारा लहरें बिखेरना, एक वांछित अपवर्तन गुणांक और अन्य अनुप्रयोगों के साथ सामग्री बनाना”
प्रोफेसर फिलिप पोंग और दिमित्री (न्यू जर्सी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएसए): “स्मार्ट ग्रिड के लिए स्थिति की निगरानी और विसंगति का पता लगाने में संपर्क रहित चुंबकीय संवेदन: नई संभावनाएं और विकल्प”

कांग्रेस ने शोधकर्ताओं और पेशेवरों को ज्ञान का आदान -प्रदान करने और इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवीनतम विकास का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान किया। ‘नैतिक एआई’ के लिए शर्मा की चिंता एवं प्रोत्साहन ने तेजी से तकनीकी उन्नति के सामने जिम्मेदार नवाचार के महत्व को उजागर करते हुए एक नवीन वैश्विक सोच को धरातल प्रदान किया।

कौशल विकास से ही विकसित भारत का मार्ग होगा प्रशस्तप्रदेश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे – डॉ. बैरवाभारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी में दूसरा दीक्षांत समारोह संपन्न

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी भारत का पहला विश्वविद्यालय है जो विशेष रूप से कौशल-आधारित कार्यक्रमों के लिए समर्पित है, जो छात्रों को वैश्विक परिदृश्य में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए विविध श्रेणी के पाठ्यक्रम प्रदान करता है यहाँ छात्र अपनी प्रतिभाओ या अपनी रूचि के माध्यम से अपनी शिक्षा को एक नया आयाम देते है आज भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी-बीएसडीयू के दूसरे दीक्षांत समारोह आयोजन हुआ जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं को उनकी मेहनत और कौशल के लिए सम्मानित किया गया।जिसमे अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री व उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा मौजूद रहे आइए आपको दिखाते है इस कार्यक्रम की झलकियां और रूबरू करवाते है बीएसडीयू विश्वविद्यालय के कुछ मुख्य पहलुओ से कौशल विकास से ही विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा और अपार युवा संसाधन की प्रतिभा के साथ न्याय भी हो सकेगा। स्किल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट से न केवल रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा, बल्कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी कारगर कदम उठाये जा सकेंगे। ये कहना है राजस्थान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री व उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा का। वे आज भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी-बीएसडीयू के दूसरे दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नए भारत की संकल्पना को साकार करने में स्किल एजुकेशन की बड़ी भूमिका है जिस पर प्रदेश की सरकार भी पूरा फोकस कर रही है। श्री बैरवा ने कहा कि स्किल एजुकेशन में बीएसडीयू जैसा विश्व स्तरीय परिसर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आगे कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में 35 लाख करोड़ के एमओयू के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जा रही है जिसमें अक्षय ऊर्जा में भी बड़ा निवेश किया गया है और आने वाले समय में प्रदेश में इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

बीएसडीयू के प्रेसिडेंट प्रोफेसर विवेक भंडारी ने बताया कि विश्वविद्यालय को एनआईआरएफ में तीसरी रैंक मिली है। यह राजस्थान का कौशल आधारित विश्वविद्यालय है। यहां ऑटोमोटिव स्किल्स, अक्षय ऊर्जा, कंप्यूटिंग, मैन्युफैक्चरिंग समेत कई प्रोफेशनल कोर्स चलाए जाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, उद्योग साझेदारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे स्किल्स एजुकेशन में नए मानक स्थापित हुए हैं।

आपको बतादे की दीक्षांत समारोह में राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी गोल्ड मैडल और आरयूजेसीटी गोल्ड मैडल के साथ करीब 300 डिग्रियां प्रदान की ग। जिसमें 278 बी.वॉक, 7 एम.वॉक और 16 पीएच.डी. शामिल हैं। कार्यक्रम में बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट, एकेडमिक कॉउन्सिल सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स उपस्थित थे. रजिस्ट्रार डॉ. शेख जुनैद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

डिग्रियां हासिल करने के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों में एक नई उमंग और ख़ुशी देखने को मिली इस अवसर पर विश्वविद्यालय में कार्यरत रामविलास अग्रवाल, जो पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड बैंकर हैं, डॉ. रामबिलास अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत की और अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया की रिटायरमेंट के बाद मैंने भारतीय स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी टीचिंग के लिए जॉइन की। लेकिन यहां बच्चों को देखने के बाद दोबारा अपने को अपडेट करने की प्रेरणा मिली। मैंने पीएचडी के लिए प्रवेश किया। यूनिवर्सिटी ने मुझे बच्चों को पढ़ाते हुए पीएचडी करने का मौका दिया उन्होंने यह भी कहा की इस उम्र में आदमी खत्म हो जाता है, पढ़ने की बात तो सोच ही नहीं सकता। लेकिन यहां के साथियों की प्रेरणा थी कि मैंने पीएचडी में प्रवेश किया। ज्वॉइन करने के बाद भी सब लोग पूछते थे कि क्या आप पीएचडी कम्पलीट कर पाओगे। लेकिन जुनून के साथ मैंने मैनेजमेंट में अपनी पीएचडी पूरी की। इस उम्र में पीएचडी पूरी करना मेरे लिए एक नया अध्याय है, और मैं चाहता हूँ कि युवा पीढ़ी भी निरंतर सीखने के महत्व को समझे।”

रामविलास के इस जज्बे ने ये साबित कर दिया की पढ़ने की वाकई कोई उम्र नहीं होती और अगर व्यक्ति चाहे तो लोगो के लिए प्रेरणा बन सकता है और आगे बढ़ सकता है उनका यह जीवन का अनुभव सभी के लिए प्रेरणादायक है।”

सीनियर स्पोर्ट्स ऑफिसर कार्मिक विभाग शासन सचिवालय ने बताया कि अखिल भारतीय सिविल सेवा क्रिकेट प्रतियोगिता :- शाकिर के शतक तथा अक्षय के 5 विकेट की मदद से राजस्थान ने दिल्ली को हराकर फाइनल में किया प्रवेश

आज दिनांक 22 मार्च 2025 को नई दिल्ली में खेले जा रहे अखिल भारतीय सिविल सेवा क्रिकेट प्रतियोगिता में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में राजस्थान में दिल्ली को 67 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत नगर स्टेडियम नई दिल्ली में खेले गए मैच में राजस्थान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 210 रन बनाए। जिसमें शाकिर खान के 102 रन , अजय बेनीवाल ने 42रन, पंकज यादव के 27 रनों का योगदान दिया । जवाब में दिल्ली की पूरी टीम 20 ओवर में 143 रन पर 9 विकेट खो दिए । राजस्थान की ओर से अक्षय चतुर्वेदी ने 22 रन पर 5 , शुभम मीणा 22 रन पर 2 , हितेश ने 30 रन पर 1 विकेट लिए और राजस्थान ने फाइनल प्रवेश कर लिया है। शासन सचिव कार्मिक विभाग श्री केके पाठक साहब ने बधाई दी

होली का हुल्लास में मीडिया और पीआर प्रोफेशनल्स करेंगे काव्य-पाठ

जयपुर, 20 मार्च।
सामाजिक चेतना के संवाहक गैर सरकारी संगठन परिवर्तन संस्थान की ओर से ‘होली का हुल्लास’ कार्यक्रम के तीसरे संस्करण का आयोजन रविवार, 30 मार्च को किया जाएगा।
परिवर्तन संस्थान के फाउंडर और स्टेट यूथ अवॉर्डी डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय के आरए पोदार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के ऑडिटोरियम में आयोजित होने जा रहे इस अभिनव कार्यक्रम में प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक मीडिया के साथ डिजिटल प्लेटफार्म से जुड़े प्रोफेशनल्स, गवर्नमेंट एवं कॉरपोरेट सेक्टर के पब्लिक रिलेशंस प्रैक्टिशनर्स और मीडिया एजुकेटर्स अपनी मौलिक रचनाओं का पाठ करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश भर से 250 मीडिया प्रोफेशनल्स की रचनाओं का संकलन ‘सृजन के रंग’ शीर्षक से तैयार किया जा रहा है।

संस्थान के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने जानकारी दी कि राजस्थान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वरचित कविता, गजल, नज़्म और व्यंग्य आदि रचनाओं को करीब 50 मीडिया और पीआर प्रोफेशनल्स प्रस्तुत करेंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र/ स्मृति-चिन्ह प्रदान किए जाएंगे। साथ ही इस कार्यक्रम में वरिष्ठ मीडियाकर्मियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि 2016 में शुरू किए गए अभिनव कार्यक्रम को कोरोना वायरस जनित महामारी कोविड -19 की वजह से कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था। प्रदेश भर में मीडिया प्रोफेशनल्स की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए ये नवाचार काफी चर्चा में रहा।

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने भरी हुंकार

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन सुधार करने और सोए कार्यकर्ताओं में जोश जगाने के लिए विधानसभा वार प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं प्रभारी विधानसभा वार मीटिंग लेंगे जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर से हुई जहां सांगानेर के प्रभारी शिशुपाल सिंह ने सांगानेर व मानसरोवर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की मीटिंग ली जिसमें पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास , जिला अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी , प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज सहित सैकड़ों कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी मौजूद थे ।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूरे प्रदेश की जनता एक साल में ही इस पर्ची सरकार से त्रस्त हो चुकी है और मुख्यमंत्री जी न जाने कहा व्यस्त हैं ।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने कहा कि सरकार के ही लोग अपराधियों के साथ मिले हुए हैं तो ऐसे में राजस्थान से अपराध कैसे कम होंगे जनता आज अशोक गहलोत जैसे मुख्यमंत्री को याद करती है । सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा कि आज सांगानेर इस बात की सजा भुगत रहा है कि यहां के लोगों ने विधायक चुनकर राजस्थान को मुख्यमंत्री दिया है आज पूरे प्रदेश में सांगानेर में चोरी लूट पाट डकैती, बलात्कार, ज़मीनों पर कब्जे जैसे काम सबसे ज्यादा हो रहे हैं मुख्यमंत्री के चहेते सांगानेर में आए दिन गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं, विकास के नाम पर सांगानेर में एक रुपए का काम मुख्यमंत्री ने नहीं करवाया है।

अगर सरकार ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर रोक नहीं लगाई तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने पड़ेंगे ।
मानसरोवर ब्लॉक अध्यक्ष रतन लाल सैनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं सांगानेर ब्लॉक अध्यक्ष राजीव चौधरी ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया इस दौरान पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, जिलाध्यक्ष आर आर तिवाड़ी, संभाग प्रभारी श्रुति शर्मा, लीलावती वर्मा, सीताराम नेहरू, रामचंद देवंदा, कैलाश जोशी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे ।

महिला सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस का स्पेशल अभियान, 31 मार्च तक चलेगा कैंपेन.

राजस्थान पुलिस की ओर से प्रदेश में 31 मार्च तक सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिला और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके तहत सुरक्षा सखी अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से महिलाओं और बालिकाओं से संपर्क कर उनको महिला संबंधी कानूनों की जानकारी देंगी साथ ही महिलाओं द्वारा बताई गई समस्याओं या सुझावों के बारे में जानकारी लेकर पुलिस को अवगत करवाएंगी। अतिरिक्त महानिदेशक मालिनी अग्रवाल ने बताया कि महिला सखी सुरक्षा पखवाड़ा एक अभियान है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। आपको बतादे की प्रत्येक एसएचओ द्वारा 3 सुरक्षा सखियों को अभियान में भाग लेने के लिए चिन्हित किया गया है. साथ ही उनके कार्यों की समीक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। दरअसल, यह पखवाड़ा महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करता है और उन्हें हिंसा और उत्पीड़न से बचाने के लिए विभिन्न संसाधनों और सेवाओं तक पहुंचने में मदद करता है. एसएचओ की ओर से चिन्हित की गई सुरक्षा सखियां महिला अत्याचार से संबंधित कानून और उनके कर्तव्यों के बारे में जानकारी देंगी।

भारतीय महिला वैज्ञानिक संगठन एवं भारद्वाज फाउंडेशन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं उसके मानवीय अनुप्रयोग पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार

जयपुर: भारद्वाज फाउंडेशन, जयपुर और भारतीय महिला वैज्ञानिक संगठन (IWSA) के संयुक्त ग्रुप WISER ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दो सप्ताह का ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें छात्रों, प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों, पेशेवरों और उद्यमियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अजय डाटा, प्रबंध निदेशक, डाटा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े डिजिटल डिप्लोमेट व स्वच्छ भारत अभियान के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर डॉ. डी.पी. शर्मा थे।

कंप्यूटर वैज्ञानिक एवं डिजिटल डिप्लोमेट डॉ शर्मा ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा उत्पन्न अवसरों के साथ मानव जाति को संतुलित करने की आवश्यकता है। क्योंकि कोई भी टेक्नोलॉजी अपने विकास के साथ विकार को भी लेकर आती है और यही विकार एथिकल, जिम्मेदार एवं मानवीय सीमाओं को तोड़कर यदि बाहर निकलते हैं तो मनुष्य जाति के लिए खतरनाक हो जाते हैं। हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार, नैतिक एवं मानवीय धारणाओं और नियमों के तहत ही इस्तेमाल करना होगा तभी यह मनुष्य जाति के लिए वरदान साबित होगा वरना यह अभिशाप भी बन सकता है।

डॉ डाटा ने कहा कि की कंप्यूटर के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जो परिवर्तन का दौर शुरू हुआ है उसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने कार्य करने की क्षमता और कार्य कुशलता के साथ कार्य की गति को भी एक नई दिशा प्रदान की है।

सरकार की चार राजकीय कंपनियों के एमडी, सीएमडी रहे डॉ पीएम भारद्वाज ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एक नए युग का सूत्रपात हुआ है जिसमें युवाओं को सक्रियता से भाग लेकर भारत को विकसित भारत एवं सोने की चिड़िया बनाने के लिए भरसक प्रयास करना होगा ।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. पी.एम. भारद्वाज, संस्थापक अध्यक्ष, भारद्वाज फाउंडेशन जयपुर, ने वक्ताओं के परिचय से की।
उन्होंने बताया कि DeepSeek Development के बाद IWSA प्रेसिडेंट शामला भारद्वाज और उनकी टीम से चर्चा कर WISER ग्रुप का गठन किया गया जिसका उद्देश्य छात्र एवं शिक्षकों को नई टेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने के लिए प्रेरित करना तय किया गया।
इस पहल के तहत इंजीनियरिंग छात्रों के लिए दो सप्ताह का निशुल्क ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 103 छात्रों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के ट्रेनर श्री सुधीर गुप्ता , जो कि अमेरिका बहुराष्ट्रीय कंपनी के पूर्व डायरेक्टर ने नैनो R1 चैलेंज प्रोग्राम की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 27 छात्रों ने DeepSeek R1 मॉडल के नैनो संस्करण को सफलतापूर्वक विकसित कर अपलोड किया।

अंत में, डॉ. एस.एन. विजयवर्गीय, सीईओ, जीनस ओवरसीज, ने मुख्य वक्ता डॉ अजय डाटा, डॉ डीपी शर्मा एवं डॉ सीमा पुरोहित का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

भजनों से रिझाया शीश के दानी बाबा श्याम को

गोपाल सेवा भाव ट्रस्ट के तत्वावधान में इंदिरा गांधी नगर, जगतपुरा के रिद्धि सिद्धि मैरिज गार्डन में श्री श्याम भजन संध्या एवं फागोत्सव का आयोजन किया गया।‌ ट्रस्ट के संरक्षक एडवोकेट अखिल शुक्ला और अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि भक्ति संध्या में पुरूषोत्तम बृजवासी, मनोज पारीक, खुशी एवं खुशबू चौहान के साथ आशीष शर्मा ने अपने सुरीले भजनों से देर रात तक श्याम भक्तों को बांधे रखा तथा भक्ति से सराबोर करते हुए भजनों से अमृतपान करवाया। पुरूषोत्तम बृजवासी के भजनों से आस्था के इस अद्भुत समारोह में भक्त इतने डूब गए कि उनके नेत्रों से अश्रु प्रवाहित होने लगे।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार शर्मा ने स्वरचित श्याम भजन भी से माहौल भावुक कर दिया। संध्या में विधायक बालमुकुंद आचार्य, हाईकोर्ट बार अध्यक्ष महेन्द्र शांडिल्य एवं पार्षद छोटेलाल मीना सहित पत्रकार, साहित्यकार एवं क्षेत्र के निवासियों ने हर्ष और उल्लास से सरस गंगोत्री में डुबकी लगाई।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं के विकसित भारत और विकसित राजस्थान बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधी आबादी के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस वर्ष का बजट महिलाओं को समर्पित किया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत सेविंग बॉंड की राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये करने की घोषणा की।

 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं का विकसित भारत-विकसित राजस्थान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि महिलाएं राजनीति, कला, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा सहित हर मोर्चे पर अपने उत्कृष्ट कार्यों से देश और प्रदेश को गौरवान्वित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का आह्वान किया कि अंतिम पंक्ति पर खड़ी जरूरतमंद महिलाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए मिलकर प्रयास करें और देश-प्रदेश को सशक्त बनाने में अपनी महत्ती भूमिका निभाएं।

 

मुख्यमंत्री शर्मा शनिवार को बिड़ला सभागार में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाएं त्याग, करुणा, स्नेह, धैर्य, सहनशीलता, संवेदनशीलता, सौम्यता, विनम्रता, वीरता व सहानुभूति जैसे अनेक गुणों की प्रतिमूर्ति होती हैं। यह दिन मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने का अवसर तथा हर क्षेत्र में महिलाओं की शानदार उपलब्धियों पर गर्व करने का दिन है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे के लिए उसकी मां ही प्रथम गुरु होती है तथा व्यक्ति को सुशिक्षित एवं सभ्य बनाने में नारी का बहुत बड़ा योगदान होता है। हमारी संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मान दिया गया है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि जहां नारी की पूजा की जाती है वहां देवता निवास करते हैं।

प्रधानमंत्री के फैसलों से बढ़ा महिलाओं का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसलों से देश में महिलाएं सशक्त तथा आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसी कड़ी में आज के दिन प्रधानमंत्री के डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट की जिम्मेदारी भी नारी शक्ति को ही सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जहां घर-घर में शौचालय बनवाकर नारी शक्ति को उचित सम्मान दिया वहीं, उज्ज्वला योजना से घर—घर तक रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया। हमारी सरकार भी 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आधी आबादी की उन्नति और प्रगति के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करवाया जिससे महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

 महिलाओं के कल्याण और हितों के लिए राज्य सरकार ने लिए अहम निर्णय

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार महिलाओं के कल्याण और हितों के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना के तहत 3 लाख से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। साथ ही, मातृवंदन योजना से करीब 5 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा साथिन बहनों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 10 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों पर पौधारोपण जैसे कार्य किए गए हैं।    

महिला सशक्तीकरण की गति को तेज करने के लिए बजट में किए महत्त्वपूर्ण प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए गौरव की बात है कि देश और प्रदेश दोनों का बजट महिलाओं ने ही पेश किया है। हमारे इस बजट में भी महिला सशक्तीकरण की गति को तेज करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। संभागीय मुख्यालयों पर 50 बेड के सरस्वती हाफ वे होम्स स्थापित, 10 जिला मुख्यालयों पर बालिका देखभाल संस्थान, नवगठित नगरीय निकायों में 500 पिंक टॉयलेट का निर्माण जैसे कदम बजट में उठाए गए हैं। इसी तरह बजट में हर ब्लॉक पर एक उच्च माध्यमिक विद्यालय या महाविद्यालय में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र की स्थापना, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कालीबाई योजना के तहत 35 हजार स्कू​टियों के वितरण का भी प्रावधान किया गया है। 

गत सरकार की तुलना में हमारी सरकार कर रही तेजी से काम

शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले एक साल में तेजी से काम किया है। पिछली सरकार ने वर्ष 2023 में कृषि में अध्ययनरत 23 हजार छात्राओं को 22 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी, लेकिन हमने 2024 में 33 हजार से अधिक कृषि छात्राओं को 59 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि गत सरकार ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा योजना के तहत 2023 में करीब 4 हजार स्कूटी का वितरण किया, जबकि हमारी सरकार ने अपने पहले ही वर्ष 2024 में 14 हजार से अधिक स्कूटी का वितरण किया है। साथ ही, पिछली सरकार ने 2023 में एक भी स्कूली छात्रा को साइकिल नहीं दी, जबकि हमने 2024 में 10 लाख छात्राओं को साइकिल दी हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में 67 हजार बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार दिया, जबकि हमने 2024 में 92 हजार से अधिक बालिकाओं को इस पुरस्कार से नवाजा है। गत सरकार में 2023 में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना से 2 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया गया, जबकि हमने इस योजना का लाभ 2024 में 5 लाख महिलाओं को दिया है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि समाज में महिलाओं के लिए अवसरों में समानता निरंतर बढ़ रही है। आज महिलाओं की स्टार्ट-अप, व्यवसाय, कला, पर्यटन, खेल, मीडिया सहित सभी क्षेत्रों में भागीदारी में वृद्धि हुई है। इस आधी आबादी में निर्णय लेने की गजब क्षमता होती है जिससे परिवार, देश, समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला जैसी योजनाओं से महिला हितों के लिए जागरूकता बढ़ाई है। उनकी हर योजना में महिलाओं का हित केन्द्र में होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 प्रतिशत बढ़ाना, लखपति दीदी का दायरा बढ़ाना जैसे कदमों से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाया जा रहा है। 

इससे पहले समारोह में मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री किट योजना की गाइडलाइन, अमृत आहार योजना के तहत 5 दिवस दूध वितरण की स्वीकृति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय संस्थानों में मैस भत्ता बढ़ाने की स्वीकृति, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को 2.5 प्रतिशत के बजाय 1.5 प्रतिशत ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाए जाने के दिशा-निर्देश जारी किए। इसी तरह, मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग की सोलर दीदी के नए मानदेय कैडर के दिशा-निर्देश, सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग के लिए दिशा-निर्देश, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की नमो ड्रोन दीदी के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। 

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अतंरराष्ट्रीय शूटिंग महिला खिलाड़ी मानिनी कौशिक तथा पर्वतारोही आशा को 25 बीघा कृषि भूमि का आवंटन पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान योजना के तहत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन, सेनिटरी नैपकिन उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ स्वयं सहायता समूह, सर्वश्रेष्ठ महिला एवं बाल विकास कर्मी सहित विभिन्न श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरित किए। इससे पहले मुख्यमंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, जयपुर नगर निगम हेरिटेज महापौर श्रीमती कुसुम यादव, जिला प्रमुख जयपुर श्रीमती रमा चौपड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्री कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती श्रेया गुहा सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में महिला उपस्थित रही। 

मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाडो प्रोत्साहन योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बालिकाओं के जन्म पर दिए जा रहे एक लाख रुपये के सेविंग बॉन्ड की राशि को बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रुपये करने की घोषणा की। 

वर्ष 2025 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की सुरुवात – 5 लाख से अधिक प्रकरणों का आपसी समझाइश से होगा निस्तारण

 राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह ने शनिवार को राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ परिसर में वर्ष 2025 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए न्यायाधिपति सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझाइश द्वारा लंबित प्रकरणों के निस्तारण की मूल भावना को साकार किया जाता है। जिससे पक्षकारों के समय की बचत के साथ-साथ उनके मध्य वैमनस्य का भाव भी समाप्त होता है।

न्यायाधिपति श्री सिंह ने कहा कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित प्रकरणों सहित प्री-लिटिगेशन स्तर तक के समस्त प्रकरणों का आपसी समझाइश से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रकरणों की सुनवाई ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यमों से की जाएगी।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरि ओम अत्रि ने बताया कि जन सामान्य के द्वारा अपने प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से निपटाने हेतु प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में रखवाए जाएंगे। इन प्रकरणों की सुनवाई हेतु अधीनस्थ न्यायालयों की कुल 468 बैंचों का गठन किया गया। श्री अत्रि ने बताया कि 24 फरवरी तक इन बैंचों में 3 लाख 39 हजार 344 प्री-लिटिगेशन तथा न्यायालयों में लम्बित 2 लाख 8 हजार 605 प्रकरणों सहित कुल 5 लाख 47 हजार 949 प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी।

अत्रि ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति आमजन एवं पक्षकारों में काफी उत्साह है। पक्षकार स्वयं आगे बढ़कर अपने मामलों को लोक अदालत में लगवाने के लिए आ रहे हैं। साथ ही, विद्वान अधिवक्तागण अपने स्तर पर पक्षकारों को अपने मामले राजीनामा के माध्यम से सुलझाने वाले इस सुलभ माध्यम को अपनाने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर एवं जयपुर पीठ सहित प्रदेश के सभी अधीनस्थ न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकरणों में भी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में कार्यरत न्यायाधिपतिगण की 04 बैंचों का गठन कर 3 हजार 170 लंबित प्रकरण तथा राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में 04 सेवानिवृत्त न्यायाधिपतिगण की बैंचों का गठन कर 1 हजार 503 लम्बित प्रकरण राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु रैफर किये गये हैं।