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विधान सभा में स्वर्गीय महारावल को पुष्पांजलि

राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को यहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. लक्ष्‍मण सिंह महारावल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी जयन्ती पर पुष्‍पाजंलि अर्पित की।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सरकारी मुख्‍य सचेतक जोगेश्‍वर गर्ग, प्रतिपक्ष के मुख्‍य सचेतक रफीक खान, पूर्व विधायक नवरंग सिंह, प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्ट सहायक के. के. शर्मा, वरिष्‍ठ उप सचिव पुरूषोत्‍तम शर्मा, विधान सभा अधिकारी परिषद् अध्‍यक्ष लोकेश जैन स्व. महारावल के परिजन सहित विधान सभा के अधिकारीगण एवं कर्मचारियों ने पूर्व विधान सभा अध्‍यक्ष के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय विश्‍नोई 18 जुलाई 1977 से 20 जून 1979 तक विधान सभा अध्‍यक्ष रहे।

विधान सभा अध्यक्ष देवनानी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और विधान सभा में महिला विधायकों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी संस्कारित करने की आवश्यकता है।

राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्‍या पर राजस्‍थान विधान सभा में महिला विधायकगण का सम्‍मान किया। देवनानी ने महिला विधायकों के साथ ही प्रदेश की महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। विधान सभा अध्‍यक्ष देवनानी ने कहा कि महिलाएं मूलत: भारतीय संस्‍कृति की रक्षक है। उन्‍होंने कहा कि महिलाएं सकारात्‍मक सोच और अपनी योग्‍यताओं को व्‍यवहार में लाए तथा सामाजिक विसंगतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

देवनानी ने कहा कि महिलाएं प्रोफेशनल के साथ ईमोशनल बने। महिलाएं ही महिलाओं की भावनाओं को अच्‍छी तरह समझ सकती है। श्री देवनानी ने कहा कि महिलाएं बेटियों के साथ बेटों को भी संस्‍कारित करें। देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्‍कृति में नारी को पूरा सम्‍मान दिया जाता है।

देवनानी ने कहा कि बच्‍चों के साथ अधिक से अधिक समय व्‍यतीत करने का प्रयास करें। प्रात: और सांयकाल में तो आवश्‍यक रूप से बच्‍चों के साथ बैठें, उनसे बाते करें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्‍चा हो या बडा सभी मन ही मन अपनी समस्‍याओं से जूझते रहते हैं। बच्‍चों को अवसाद से बचाने के लिए उनके मन की बातों को समझना आवश्‍यक है।

देवनानी ने इस मौके पर राजस्‍थान विधान सभा की महिला विधायकों को सम्‍मानित किया। इस मौके पर सरकारी मुख्‍य सचेतक जोगेश्‍वर गर्ग और प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा सहित राजस्‍थान विधान सभा की महिला अधिकारीगण मौजूद थी।

कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान का उद्घाटन लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा भारतीय सनातन परंपरा और वैदिक रीति से किया जाएगा। क्लब में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जैसा कि देवनानी ने बताया।

राजस्‍थान विधान सभा के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान की विश्‍वस्‍तरीय सुविधाओं का शुभारम्भ शनिवार, आठ मार्च को लोक सभा अध्‍यक्ष ओम बिरला और मुख्‍यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा सनातन परंपरा और वैदिक रीति से हवन में पूर्ण आहूति अर्पित करके किया जायेगा। इस मौके पर राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी सहित सोलहवीं राजस्‍थान विधान सभा के सदस्‍यगण, लोक सभा और राज्‍य सभा में राजस्‍थान के सांसदगण, पूर्व विधायकगण सहित क्‍लब के सदस्‍यगण मौजूद रहेंगे।

सनातन परंपरा और वैदिक रीति से होगा क्‍लब का शुभारंभ—

विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि भारतीय सनातन परम्‍परा और वैदिक रीति से कार्यक्रम होगा। क्‍लब का शुभारंभ हवन से होगा जिसमें पूर्ण आहूति लोक सभा अध्‍यक्ष ओम बिरला और मुख्‍यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दी जायेगी। क्‍लब का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण, क्‍लब की सुविधाओं का फीता खोलकर और दीप प्रज्‍ज्वलित कर वैदिक मंत्रोच्‍चार से अतिथियों द्वारा किया जायेगा।

विश्‍वस्‍तरीय सुविधाओं से युक्‍त है कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान —

राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि प्रदेश में नई दिल्‍ली की तर्ज पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब का निर्माण किया गया है। इस महत्‍वपूर्ण स्‍थल पर विश्‍वस्‍तरीय सुविधायें तैयार करायी गई है। क्‍लब में बेसमेंट, भूतल और पाँच तलों का 1 लाख 95 हजार फीट निर्माण किया गया है। राज्य की यह परियोजना देश में एक बेहतर मिसाल है। विधान सभा के समीप 4 हजार 948 वर्गमीटर भूखण्ड पर लगभग 80 करोड रूपये की लागत से क्लब का निर्माण किया गया है। क्लब में रेस्टोरेन्ट, कॉफी हाउस, स्विमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मीटिंग हॉल, कान्फ्रेन्स हॉल, वीआईपी लाउज,जिम, सैलून, बैडमिन्टन, टेबल टेनिस एवं लॉन टेनिस कोर्ट सहित अतिथियों के ठहरने हेतु कमरों का भी निर्माण किया गया है।

राजस्‍थान विधान सभा देश की पहली विधान सभा है जहां कॉन्स्टीट्यूशन क्लब का निर्माण हुआ —

  देवनानी ने बताया कि देश के विधानमण्डलों में राजस्थान विधान सभा ऐसी पहली विधान सभा है, जहां कॉन्स्टीट्यूशन क्लब का निर्माण किया गया है। नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब की तर्ज पर जयपुर में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब बनाया गया है। उन्‍होंने बताया कि क्‍लब के शुभारंभ अवसर पर क्लब के सदस्यों को क्लब से सम्बन्धित जानकारी देने के लिये एक लघु वृत्‍त चित्र फिल्‍म बनायी गयी है। उपलब्ध सुविधाओं के उपयोग के लिये क्‍लब की वेबसाइट का भी निर्माण किया गया है। शुभारम्भ कार्यक्रम में लघु वृत्‍त चित्र का प्रदर्शन किया जायेगा और वेबसाइट की भी शुरूआत होगी। 

मानवीय विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण केन्द्र बनेगा कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान—

राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान मानवीय विचारों के आदान-प्रदान का महत्‍वपूर्ण केन्‍द्र बनेगा। उन्‍होंने बताया कि पूर्व मुख्‍यमंत्रीगण, पूर्व विधान सभा अध्‍यक्षगण भी इस क्‍लब के सदस्‍य है। प्रदेश के वरिष्‍ठ राजनीतिज्ञों के विभिन्‍न पहलुओं के अनुभवों से नये विधायकगण लाभान्वित होंगे। क्‍लब में विभिन्‍न अवसरों पर कार्यशालायें और सेमिनार आयोजित होगी। राज्‍य के लोगों विशेषकर राजनीति के क्षेत्र में कदम रखने वाले युवा पीढ़ी को इन महत्‍वपूर्ण कार्यक्रमों का लाभ मिल सकेगा।

संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करने का बनेगा माध्‍यम—

 राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करने का माध्‍यम बनेगा। क्‍लब में सदस्‍यों के मध्‍य संसदीय परंपराओं पर चर्चा और परिचर्चायें होगी। नये विधायकगणों को परंपराओं को जानने का मौका मिलेगा। अनुभवी राजनीतिज्ञों को अपने अनुभव साझा करने का मौका भी इस स्‍थल पर मिल सकेगा।

शुभारंभ समारोह का होगा सजीव प्रसारण—

राजस्‍थान विधान सभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के शुभारंभ समारोह का सजीव प्रसारण राजस्‍थान विधान सभा के यू-ट्यूब चैनल पर किया जायेगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दी शुभकामनाएं

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बेटियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन महिलाओं के अधिकारों, उनके सशक्तिकरण और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का अवसर है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक स्वावलंबन और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। जिससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। इन योजनाओं का महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए बजट 2025-26 में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य और देश की प्रगति में भागीदार बन सकें। उन्होंने कहा कि एक सशक्त महिला ही सशक्त परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में विभाग की बड़ी उपलब्धि, कृत्रिम गर्भाधान में प्रदेश को पहले स्थान पर लाना है – पशुपालन शासन सचिव

मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की समीक्षा करते हुए डॉ. शर्मा ने इसके प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया और निर्देश दिया कि सेवा प्रदाता का काम निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं होने पर उनके लिए कुछ दंड का प्रावधान किया जाए। उन्होंने यूनिट के कैंप मोड की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक कैंप में कम से कम 30 पशुओं का इलाज अवश्य होना चाहिए तभी कैंप की सार्थकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। 

डॉ शर्मा ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि योजना में विभाग ने अच्छा टीम वर्क किया है। उन्होंने अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना में विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने में तेजी लाएं। उन्होंने बीमा के लिए काम करने वाले कार्मिकों की प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए जिससे काम में गति आ सके। उन्होंने 31 मार्च तक पशुपालकों को बीमा जारी करने लिए काम करने के निर्देश प्रदान किए जिससे पशुपालकों को बीमा का लाभ जल्द से जल्द मिलना शुरू हो सके।

अवधिपार दवाइयों की समीक्षा करते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि पशु चिकित्सालयों में आवश्यक दवाइयों की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री महोदय से आवश्यक दवाइयों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया था जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि वेटरिनरी कॉलेजों में भी इन दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी जिससे वहां शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को इनके उपयोग की व्यवहारिक जानकारी पहले से ही हो सके और दवाइयों के बारे मे वे सीख सकें। अवधिपार दवाइयों के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि अब केवल 8 जिलों में अवधिपार दवाइयां रह गई हैं जो कि आने वाले सप्ताह में शून्य हो जाएंगी। बाकी सभी जिलों इन दवाइयों की संख्या शून्य है।

कृत्रिम गर्भाधान विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले 15 अगस्त तक हमें कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर लाना है। उन्होंने कहा कि पशुधन में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार सेक्स सोर्टेड सीमन तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक से बछड़ी पैदा होने की संभावना 85 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है। उन्होंने बताया कि सेक्स सोर्टेड सीमन के उत्पादन के लिए बस्सी में एनडीडीबी के सहयोग से लैब स्थापित किया जाएगा जिसमें स्थानीय स्तर पर सीमन का उत्पादन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने सेक्स सोर्टेड सीमन की खरीद शुरू कर दी है। अब विभाग के अधिकारी अधिक से अधिक पशुपालकों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करें। 

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह तकनीक किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि 10 से 12 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर गोशालाओं के गायों की जांच करके बांझपन से ग्रसित गौवंशीय पशु एवं प्रजनन योग्य मादा गौवंशीय पशुओं का चिन्हिकरण तथा चयनित गौवंशों के लिए आवश्यकतानुसार उपचार की कार्ययोजना बनाई जाए।  

डॉ शर्मा ने कहा कि एआइ और वैक्सीनेशन कार्यक्रम तथा एमवीयू  में 15 अगस्त तक हमें देश में पहले स्थान पर होने के लिए और हमें इस दिशा में एकजुट होकर काम करना है।

जिलों में विभाग की भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि भरतपुर और जैसलमेर जिले ने इस मुद्दे पर बहुत अच्छा काम करते हुए विभाग की करोड़ों रुपये की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अन्य जिलों को भी इस दिशा में तत्परता से काम करते हुए शेष अतिक्रमित भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराना है।

डॉ. शर्मा ने काम के प्रति लापरवाही और कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कार्मिकों की कडे़ शब्दों में भर्त्सना करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।   

इस राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिलों के संयुक्त निदेशक तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। 

Women’s Day Special: राजस्थान का अनूठा महिला मिनी बैंक, जहां सिर्फ महिलाएं हैं कमान में

डूंगरपुर, राजस्थान: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज हम बात करते हैं राजस्थान के डूंगरपुर जिले के बरबोदनिया गांव की, जहां एक ऐसा मिनी बैंक है जो पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित है और महिलाओं के लिए ही काम करता है। यह बैंक न सिर्फ राज्य का पहला महिला मिनी बैंक है, बल्कि देश में अपनी तरह का दूसरा उदाहरण भी है। करीब दो दशक से यह बैंक महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना हुआ है, जिसका सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये से अधिक है।
महिलाओं के हाथ में पूरी जिम्मेदारी
जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर बरबोदनिया ग्राम पंचायत में स्थित इस मिनी बैंक की स्थापना 28 जनवरी 2002 को हुई थी। सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत इस बैंक में कैशियर से लेकर मैनेजर और अध्यक्ष तक सभी पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं। यहां पुरुषों के लिए न तो कोई काम है और न ही उनके नाम से कोई खाता। इसी वजह से इसे ‘मिनी महिला बैंक’ के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में बैंक की अध्यक्ष शांतिदेवी पुंजोत हैं, जबकि मैनेजर सीमा भगत और कैशियर गजरा एकोत शुरू से ही इसकी बागडोर संभाले हुए हैं।
कैसे हुई शुरुआत?
सीमा भगत और गजरा एकोत बताती हैं कि साल 2001 में टामटिया लैंप्स के मैनेजर सोहनलाल सेवक की प्रेरणा से उन्होंने महिला बचत समूह की नींव रखी। छह महीने तक समूह को सफलतापूर्वक चलाने के बाद इसे 2002 में मिनी बैंक के रूप में पंजीकृत किया गया। तब से यह महिलाओं की मेहनत और लगन का प्रतीक बना हुआ है।
1700 से अधिक खाते, 40 लाख से ज्यादा का ऋण
आज इस बैंक में 281 महिला समिति सदस्य हैं और 1700 से अधिक खाते संचालित हो रहे हैं, जिनमें 642 बचत खाते, 666 आरडी खाते और 429 एफडी खाते शामिल हैं। बैंक ने अब तक 213 महिलाओं को 40 लाख 45 हजार रुपये का ऋण वितरित किया है। इसकी कुल जमा राशि 2 करोड़ रुपये है और औसत मासिक टर्नओवर 20 लाख रुपये है। बैंक का अपना भवन भी है, जहां से सभी गतिविधियां संचालित होती हैं।
आत्मनिर्भरता की राह पर महिलाएं
यह मिनी बैंक न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बिना किसी पुरुष सहायता के महिलाओं द्वारा संचालित यह बैंक एक प्रेरणादायक मिसाल है। डूंगरपुर का यह प्रयास न सिर्फ राजस्थान, बल्कि पूरे देश के लिए महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत संदेश देता है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज तमिलनाडु के तक्कोलम में CISF की स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज तमिलनाडु के तक्कोलम में आयोजित केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की 56वीं स्थापना दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और CISF के महानिदेशक श्री राजविंदर सिंह भट्टी भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते 56 साल में CISF ने न केवल देश के विकास, प्रगति और आवाजाही को सुरक्षित रखा है, बल्कि उनके सुचारू संचालन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पोर्ट, एयरपोर्ट, महत्त्वपूर्ण व्यापारिक, पर्यटन एवं शोध संस्थानों सहित देश के औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की कल्पना CISF के बगैर नहीं की जा सकती। श्री शाह ने कहा कि CISF कर्मियों की अटूट निष्ठा, कठोर परिश्रम और समर्पण से ही देश औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सुरक्षित होकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि CISF कर्मियों ने ढेर सारे सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेकर इसे आगे बढ़ाया है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की 140 करोड़ की आबादी के सामने वर्ष 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक भारत को दुनिया में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम बनाने के संकल्प रखे हैं। इन संकल्पों की सिद्धि में CISF का योगदान बहुत महत्त्वपूर्ण होगा। गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में तय किया गया था कि CISF का स्थापना दिवस दिल्ली में मनाने की बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाएगा। इसी के तहत आज CISF का स्थापना दिवस कार्यक्रम तमिलनाडु के तक्कोलम स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित किया गया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति ने अनेक प्रकार से भारत की संस्कृति को मजबूत करने का काम किया है। चाहे प्रशासनिक सुधार हो, आध्यात्मिक ऊंचाई प्राप्त करनी हो, शिक्षा के मानक गढ़ने हों या देश की एकता एवं अखंडता का संदेश हो, हर क्षेत्र में तमिलनाडु ने भारतीय संस्कृति को बहुत मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा, संस्कृति और परंपराएं भारत की संस्कृति का अनमोल गहना हैं और पूरा देश यह स्वीकार करता है। शाह ने कहा कि इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तक्कोलम स्थित CISF क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र का नाम चोल वंश के महान योद्धा राजादित्य चोल के नाम पर रखने का निर्णय किया गया है, जो गौरव की बात है। उन्होंने कहा राजादित्य चोल इसी भूमि पर पराक्रम और बलिदान की अनेक गाथाएँ गढ़ कर वीरगति को प्राप्त हुए और चोल साम्राज्य की महान परंपराओं को आगे बढ़ाया।

गृह मंत्री ने कहा कि CISF में पिछले वर्ष 14 हजार से अधिक पदों पर भर्ती पूरी की गई है। अगर सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की बात करें तो कुल एक लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी दी गई है और 50 हजार युवाओं की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

अमित शाह ने कहा कि अब तक क्षेत्रीय भाषाओं में CAPF की भर्ती परीक्षाएं देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन मोदी सरकार के फैसले के अनुसार हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा अब युवा तमिल सहित संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में CAPF की भर्ती परीक्षाएं दे सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरह वे भी जल्द से जल्द तमिल भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम शुरू करें। इससे मातृ भाषा के रूप में तमिल मजबूत होने के साथ ही तमिल माध्यम के छात्रों को इसका फायदा भी मिलेगा। इससे न केवल मातृभाषा मजबूत होगी, बल्कि तमिल माध्यम में शिक्षित बच्चों को आगे सामान अवसर मिल सकेंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि CISF ने हमेशा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बीते 56 वर्षों में CISF ने देश के हर क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वर्णिम मानक सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि CISF के जवान देश के पोर्ट, एयरपोर्ट, मेट्रो सहित कई स्थानों में लगभग एक करोड़ लोगों की आवाजाही को हर खतरे से सुरक्षित करने का काम करते हैं। देश के औद्योगिक, शैक्षणिक विकास और देश के सुचारू संचालन के लिए CISF जवानों का योगदान महत्त्वपूर्ण है। उनकी निगरानी में देश के पोर्ट, एयरपोर्ट और मेट्रो सहित सभी प्रतिष्ठान सुरक्षित हैं। गर्व की बात है कि देश के नए संसद भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी CISF के जवान संभाल रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि CISF के जवान दिल्ली मेट्रो में विनय और संयम के साथ बिना किसी चूक के प्रतिदिन 70 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हैं। साथ ही, 250 पोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा में भी CISF की जिम्मेदारी बढ़ने वाली है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने CISF को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया है और नवीनतम तकनीकों से बल को लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई एयरपोर्टों पर ‘डिजी यात्रा’ शुरू की गई है, जिसके कारण सुरक्षा जांच में कम से कम समय लग रहा है। CISF ने एयरपोर्ट सुरक्षा में अंतरराष्ट्रीय मानकों को न केवल अपनाया है, बल्कि इनमें रिकॉर्ड कायम करने के भी काफी नजदीक है। उन्होंने कहा कि इंटरनल क्वालिटी कण्ट्रोल यूनिट भी स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से लगातार प्रशिक्षण के जरिये सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। CISF ने ड्रोन रोधी क्षमताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण केन्द्र भी स्थापित किया है। श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का जेवर और महाराष्ट्र का नवी मुंबई एयरपोर्ट जल्द ही CISF की सुरक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष तीन नई बटालियन की स्थापना को मंजूरी दी, जिसमें एक बटालियन पूर्णतः महिला बटालियन होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले CISF के 127 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन 127 जवानों ने अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा की जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने इन जवानों के परिजन से कहा कि उनके परिवार के सदस्य के बलिदान के कारण ही देश आज ऊंचे मस्तक के साथ दुनिया के सामने खड़ा है।

अमित शाह ने स्थापना दिवस कार्यक्रम में CISF की वार्षिक पत्रिका Sentinel का विमोचन किया। उन्होंने 10 जवानों को राष्ट्रपति पुलिस पदक, 2 को जीवन रक्षा पदक और 10 को वीरता पदक से भी सम्मानित किया। शाह ने कहा कि इन सभी जवानों ने CISF की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाया है। गृह मंत्री ने CISF कर्मियों के स्वास्थ्य, सुचारू कर्त्तव्य निर्वहन और सुविधाएं बढाने के लिए 88 करोड़ रुपए की लागत से 6 विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और SSG नोएडा में नवनिर्मित जिम एवं पप हॉल का लोकार्पण किया।

गृह मंत्री ने झंडी दिखा कर CISF साइक्लोथॉन 2025 की भी वर्चुअल शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह साइकिल रैली देश के समुद्र तट के हर गाँव को कवर करते हुए कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद रॉक मेमोरियल पहुंचेगी। इस दौरान हमारे जवान तटीय गाँवों में न केवल सुरक्षा की दृष्टि से जागृति फैलाएंगे, बल्कि गाँवों के लोगों को विकास से जुड़े विषयों के बारे में जागरूक भी करेंगे। साथ ही CISF के जवान सुरक्षा और गाँव के विकास से जुड़े सुझाव भी एकत्रित करेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि जवानों द्वारा दिए जाने वाले ‘ग्राउंड जीरो इनपुट’ से इन तटीय गाँवों में सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

अमित शाह ने कहा कि CISF ने पिछले पांच वर्ष में पांच लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं और अगले एक वर्ष में उसे तीन लाख से ज्यादा पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत CISF का हर एक जवान अपनी मां के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एक पेड़ जरूर लगाए। श्री शाह ने बल कर्मियों से अपनी दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाये गए हैं, जिसके अंतर्गत आयुष्मान CAPF के तहत 31 लाख से अधिक कार्ड जारी किए हैं। 13 हजार घरों और 113 बैरक का निर्माण किया गया है और  ई-आवास पोर्टल के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि एक भी आवास खाली न रहे। श्री शाह ने कहा कि महिला जवानों के लिए विशेष बैरक बनाए हैं। अनुग्रह राशि भी आगे बढाई गई है। केन्द्रीय पुलिस कल्याण भंडारों में स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा और एक अप्रैल 2024 से GST में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही।

भारतीय नौसेना के युद्धक्षेत्र स्तरीय परिचालन अभ्यास (ट्रोपेक्स) – 2025 का समापन

अभ्यास में एक जल-स्थलीय अभ्यास – एम्फेक्स, लक्ष्य पर युद्ध सामग्री की सटीक डिलीवरी पर केंद्रित एक संयुक्त कार्य प्रणाली, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और एक सामरिक चरण शामिल था ।

इस अभ्यास से राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समन्वित और एकीकृत तरीके से विविध चुनौतियों का जवाब देने की नौसेना की क्षमता का मूल्यवान बेहतर हुआ।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित हिंद महासागर में आयोजित इस अभ्यास का संचालन क्षेत्र उत्तर से दक्षिण तक 35 डिग्री दक्षिण अक्षांश तक लगभग 4300 समुद्री मील और पश्चिम में होर्मुज जलडमरूमध्य से पूर्व में सुंडा और लोम्बोक जलडमरूमध्य तक 5000 समुद्री मील तक फैला हुआ था। ट्रोपेक्स 25 में भारतीय नौसेना के 65-70 जहाज, 9-10 पनडुब्बियां और विभिन्न प्रकार के 80 से अधिक विमानों ने भाग लिया। इस अभ्यास ने अन्य सेवाओं के साथ युद्धक्षेत्र स्तर के परिदृश्यों की योजना और निष्पादन में बहुत उच्च स्तर की परिचालन तालमेल हासिल की। ​​इसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की इकाइयों की व्यापक भागीदारी देखी गई, जिसमें सुखोई-30, जगुआर, सी-130, फ्लाइट रिफ्यूलर और अवाक्‍स विमान, इन्‍फैंट्री डिवीजन के 600 से अधिक सैनिकों और भारतीय तटरक्षक बल के 10 से अधिक जहाज शामिल थे ।

ट्रोपेक्स 25 ने भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों और युद्ध के लिए सामग्री तत्परता का आकलन करने के लिए तैयार किए गए गहन परिचालन अभियान की सफल परिणति को चिह्नित किया। इस अभ्‍यास में युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल रहने की नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की

प्रधानमंत्री 7-8 मार्च को केन्द्र-शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव और गुजरात का दौरा करेंगे


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7-8 मार्च को दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव और गुजरात का दौरा करेंगे। वे 7 मार्च को सिलवासा जायेंगे तथा दोपहर करीब 2 बजे नमो अस्पताल (प्रथम चरण) का उद्घाटन करेंगे। दोपहर करीब 2:45 बजे वे सिलवासा में केन्द्र- शासित प्रदेश के लिए 2580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी करेंगे। इसके बाद वे सूरत जायेंगे तथा शाम करीब 5 बजे सूरत खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान का शुभारंभ करेंगे। 8 मार्च को प्रधानमंत्री नवसारी जायेंगे तथा सुबह करीब 11:30 बजे लखपति दीदियों से बातचीत करेंगे। इसके बाद एक सार्वजनिक समारोह होगा, जिसमें विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा।

प्रधानमंत्री केन्द्र-शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में

देश के सभी हिस्सों में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने पर प्रधानमंत्री का प्राथमिक ध्यान रहा है। इसी के तहत, वे सिलवासा में नमो अस्पताल (प्रथम चरण) का उद्घाटन करेंगे। कुल 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 450-बिस्तरों वाला यह अस्पताल इस केन्द्र-शासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूत करेगा। यह अस्पताल इस क्षेत्र के लोगों, खासकर आदिवासी समुदायों, को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री सिलवासा में केन्द्र-शासित प्रदेश के लिए 2580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं में विभिन्न ग्रामीण सड़कें एवं सड़क संबंधी अवसंरचनाएं, स्कूल, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र, पंचायत एवं प्रशासनिक भवन, आंगनवाड़ी केन्द्र, जलापूर्ति और सीवेज संबंधी अवसंरचनाएं आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, पर्यटन को प्रोत्साहित करना, रोजगार के अवसर सृजित करना और क्षेत्र में लोक कल्याण से जुड़ी पहलों को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री रोजगार मेले के अंतर्गत नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। वे पीएम आवास योजना – शहरी, गिर आदर्श आजीविका योजना और सिल्वन दीदी योजना के तहत लाभार्थियों को लाभ भी वितरित करेंगे।

गिर आदर्श आजीविका योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र की अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यक समुदायों और दिव्यांगजन श्रेणी से संबंधित महिलाओं के लिए छोटे डेयरी फार्म स्थापित करके और उनके जीवन में सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव लाकर उनके आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। सिल्वन दीदी योजना महिला स्ट्रीट वेंडरों को सुंदर ढंग से डिजाइन किये गए ठेले प्रदान करके उनके उत्थान से जुड़ी एक पहल है। इन ठेलों का सह-वित्तपोषण पीएम स्वनिधि योजना से किया जाता है।

प्रधानमंत्री गुजरात में

7 मार्च को, प्रधानमंत्री सूरत के लिंबायत में सूरत खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और 2.3 लाख से अधिक लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ वितरित करेंगे।

महिला सशक्तिकरण सरकार द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों का आधार रहा है। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरित होकर, सरकार उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नवसारी जिले के वांसी बोरसी गांव में आयोजित लखपति दीदी कार्यक्रम में भाग लेंगे और लखपति दीदियों से बातचीत करेंगे। वे 5 लखपति दीदियों को लखपति दीदी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री गुजरात सरकार के जी-सफल (अंत्योदय परिवारों के लिए बेहतर आजीविका हेतु गुजरात योजना) और जी-मैत्री (ग्रामीण आय में परिवर्तन हेतु गुजरात मेंटरशिप और व्यक्तियों का त्वरण) कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

जी-मैत्री योजना उन स्टार्टअप को वित्तीय सहायता एवं सहयोग प्रदान करेगी, जो ग्रामीण आजीविका के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

जी-सफल योजना गुजरात के दो आकांक्षी जिलों और तेरह आकांक्षी प्रखंडों में अंत्योदय परिवारों की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सहायता एवं उद्यमशीलता संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 126वें प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अधिकारियों को उनकी पदोन्नति और भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने पर बधाई दी। उन्‍होंने अधिकारियों से अपनी नई भूमिका में दूसरों को प्रेरित करने और अपने काम से उदाहरण पेश करने को कहा। राष्‍ट्रपति ने अधिकारियों से आस-पास के लोगों को सार्वजनिक सेवा में उत्कृष्टता हासिल करने के प्रयास के लिए प्रेरित करने को भी कहा। राष्‍ट्रप‍ति ने उनसे प्रशासनिक कामकाज और सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि शासन का सार लोगों की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के दायित्‍व और इसके प्रति संवेदनशीलता में निहित है। उन्‍होंने कहा कि नागरिक-केंद्रित शासन गरीबों और वंचितों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लोक कल्याण को प्राथमिकता देता है। राष्‍ट्रपति ने अधिकारियों से सुनिश्चित करने की सलाह दी कि नीतियां और कार्यक्रम इस तरह लागू हों जिससे लोगों की समस्‍याओं का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि अधिकारी जो भी निर्णय लेंगे और नीतियां लागू करेंगे उनका देश और लोगों के विकास में योगदान होना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण क्षरण की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल पहल को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही यह भी जरूरी है कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से वंचितों और सामाजिक हाशिए पर पड़े लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से अपने कामकाज में निरंतरता और समावेशिता के सिद्धांत बनाए रखने को कहा।