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Citroen C3 Price Hike: सिट्रॉएन एक जुलाई से बढ़ाने जा रही इस कार की कीमत, जानें कितनी होगी महंगी

फ्रांस की कार निर्माता सिट्रॉएन की ओर से भारतीय बाजार में पेश की जाने वाली हैचबैक कार की कीमतों में बढ़ोतरी की जानकारी दी गई है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कंपनी की ओर से किस कार की कीमत में कितनी बढ़ोतरी करने का एलान किया गया है।

महंगी होगी कार
सिट्रॉएन की ओर से एलान किया गया है कि भारतीय बाजार में पेश की जाने वाली हैचबैक कार सी3 की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी की जाएगी। जानकारी के मुताबिक कंपनी एक जुलाई से हैचबैक कार की कीमतों में बढ़ोतरी कर देगी।

कितनी होगी बढ़ोतरी
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कार की कीमत में 17500 रुपये की बढ़ोतरी कर दी जाएगी। खास बात यह है कि कंपनी की ओर से इस हैचबैक कार की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी की जा रही है। इससे पहले भी जनवरी और मार्च में इसकी कीमत में बढ़ोतरी की गई थी।

कैसे हैं फीचर्स
सिट्रॉएन की कार में कंपनी कई फीचर्स को ऑफर करती है। इनमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मैनुअल एसी, 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एंड्राइड ऑटो, एपल कार प्ले, माई सिट्रॉन एप में 35 कनेक्टिड फीचर्स के साथ ही कई तरह की कस्टमाइजेशन को ऑफर किया जाता है। इसके अलावा इस कार में 315 लीटर का बूट स्पेस भी मिलता है।

कितनी है सुरक्षित
सिट्रॉएन की हैचबैक कार सी3 में सुरक्षा के लिए कई फीचर्स को ऑफर किया जाता है। इनमें ड्यूल एयरबैग्स, एबीएस, ईबीडी, फॉग लैंप, इंजन इमोबिलाइजर, हाई स्पीड अलर्ट सिस्टम, स्पीड सेंसिटिव ऑटो डोर लॉक जैसे फीचर्स शामिल हैं।

कितना दमदार इंजन
कंपनी की ओर से सी3 हैचबैक कार में 1.2 लीटर का नेचुरल एस्पिरेटिड और टर्बो इंजन का विकल्प दिया जाता है। नेचुरल एस्पिरेटिड इंजन से कार को 81 बीएचपी और 115 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। वहीं टर्बो इंजन से कार को 109 बीएचपी के साथ 190 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। कार में पांच स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का उपयोग किया जाता है।

Hero Passion Plus: हीरो ने लॉन्च की नई पैशन प्लस बाइक, जानें कितनी है कीमत और क्या हैं खूबियां

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करीब तीन साल बाद हीरो मोटोकॉर्प की ओर से पैशन प्लस को एक बार फिर भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया है। कंपनी की ओर से इसे किस कीमत पर लॉन्च किया गया है और इसमें क्या खूबियां दी गई हैं। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।

फिर आई बाइक
हीरो मोटोकॉर्प की ओर से एक बार फिर पैशन प्लस बाइक को भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया है। साल 2020 के दौरान इस बाइक को बाजार से हटा दिया गया था। लेकिन एक बार फिर कंपनी ने इस बाइक को लॉन्च किया है।

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क्या हुए बदलाव
कंपनी की ओर से पैशन प्लस में कुछ नए बदलाव किए गए हैं। इनमें बॉडी पैनल्स पर नए ग्राफिक्स दिए गए हैं। साथ ही इस बाइक को कुल तीन रंगों में उपलब्ध करवाया गया है। इन रंगों में स्पोर्ट रेड, ब्लैक नेक्सस ब्लू और ब्लैक हैवी ग्रे जैसे रंग शामिल हैं।

कैसा है इंजन
बाइक में इंजन की बात करें तो इसमें 97.2 सीसी का सिंगल सिलेंडर एयर कूल्ड इंजन दिया गया है। इसके साथ ही इसमें फ्यूल इंजेक्शन तकनीक और आई3एस को भी दिया गया है, जिससे बाइक की एवरेज काफी बेहतर हो जाती है। 100 सीसी इंजन से बाइक को 7.89 हॉर्स पावर और 8.05 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। इसे चार स्पीड ट्रांसमिशन के साथ लाया गया है और इंजन को बीएस-6 के दूसरे चरण के नियमों के मुताबिक अपडेट किया गया है।

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कैसे हैं फीचर्स
बाइक में कुछ बेहतर फीचर्स को शामिल किया गया है। इनमें आई3एस तकनीक, इलेक्ट्रिक स्टार्ट, किक स्टार्ट, सेमी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, साइड स्टैंड इंडीकेटर जैसे फीचर्स हैं।

कितनी है कीमत
कंपनी की ओर से पैशन प्लस को 76301 रुपये की एक्स शोरुम कीमत पर लॉन्च किया गया है।

Car Care Tips: इन गलतियों के कारण कार की विंडशील्ड हो जाती है क्रैक, जानें क्या हैं सुरक्षित रखने के उपाय

Car Care Tips: इन गलतियों के कारण कार की विंडशील्ड हो जाती है क्रैक, जानें क्या हैं सुरक्षित रखने के उपाय

कार खरीदने के बाद अक्सर लोग समय पर सर्विस करवाते हैं, सफाई रखते हैं और कई तरह की एक्सेसरीज लगाकर कार को और बेहतर बनाते हैं। लेकिन छोटी-छोटी गलतियों के कारण कार की विंडशील्ड में क्रैक आ जाता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि किस तरह से विंडशील्ड का ध्यान रखा जा सकता है।

सबसे नाजुक पार्ट
किसी भी कार में सबसे नाजुक पार्ट विंडशील्ड होती है। एक बार यह क्रैक हो जाए तो फिर इसे ठीक करवाने की जगह बदलना पड़ता है, जिसमें काफी ज्यादा खर्चा भी हो जाता है। लेकिन कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर विंडशील्ड को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सकता है।

बजरी वाली सड़क
कार की विंडशील्ड पर सबसे ज्यादा क्रैक ऐसी सड़कों पर होते हैं, जहां बजरी पड़ी होती है। अपने से आगे वाले वाहन के टायर के नीचे आकर बजरी काफी तेजी से पीछे की ओर आती है। जिससे पीछे आ रहे वाहन की विंडशील्ड पर क्रैक आ जाता है, जो समय के साथ बढ़ता जाता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि कभी-भी ऐसी सड़कों पर आगे वाले वाहन से सुरक्षित दूरी बनाकर चला जाए। इससे बजरी आपकी कार की विंडशील्ड को क्रैक नहीं कर पाएगी।

तापमान में बदलाव
गर्मियों के समय लोग कार में एसी का उपयोग करते हैं और एसी को गाड़ी के बंद होने तक चलाते हैं। जिससे केबिन के अंदर का तापमान कम होता है और बाहर का तापमान काफी ज्यादा होता है। इस कारण भी विंडशील्ड क्रैक हो जाती है। जब भी कार को बंद करना हो तो उससे कुछ समय पहले एसी को बंद कर दें। इससे केबिन का तापमान सामान्य हो जाएगा और विंडशील्ड पर क्रैक का खतरा कम हो जाएगा।

पेड़ के नीचे पार्किंग
कार की विंडशील्ड पर क्रैक पेड़ के नीचे खड़ा करने से भी हो सकता है। पेड़ से टूटने वाली टहनियां या फल अगर कार की विंडशील्ड पर गिर जाए तो क्रैक होने का खतरा होता है। कई लोग धूप से बचाने के लिए कार को पेड़ के नीचे खडा करते हैं, लेकिन यह सुरक्षित उपाय नहीं होता। अगर कार को धूप से बचाकर पार्क करना है तो गैराज या कवर्ड पार्किंग में खड़ा किया जा सकता है।

Pune News: पुणे पुलिस की बड़ी सफलता, आईपीएल में सट्टा लगाने वाले रैकेट का खुलासा… 53 लोग गिरफ्तार

पुणे: देश में 31 मार्च से लेकर 28 मई तक चारों तरफ आईपीएल छाया हुआ था. लेकिन पुणे पुलिस का दिमाग कहीं और लगा हुआ था. पुलिस महकमे की दिलचस्पी आईपीएल से ज्यादा उस पर लगाई जा रही सट्टेबाजी पर थी. पुलिस को खबर मिली थी कि पुणे शहर के आलीशान आवासीय सोसाइटी और अपार्टमेंट में यह रैकेट चलाया जा रहा है. पुलिस ने पूरी तैयारी की और पिंपरी चिंचवाड़, पुणे शहर की 12 जगह पर छापे मारे और 53 लोगों को गिरफ्तार किया. यह पुलिस की आईपीएल के एक सीजन की सबसे बड़ी धरपकड़ मानी जा रही है.

गिरफ्तार लोगों में ज्यादातर बाहरी
मामले की तफ्तीश में जुटी टीम ने जब लोगों को गिरफ्तार किया तो पाया कि उनमें से ज्यादातर लोग यानी करीब 40 लोग पुणे शहर से ताल्लुक नहीं रखते थे. 25 से 50 की उम्र के ये लोग छत्तीसगढ़, बिहार और पंजाब से विशेषतौर पर पुणे सिर्फ सट्टा खेलने के लिए आए थे. जांच में सामने आया कि हिरासत में लिए गए लोग जो सटोरिए थे ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए सट्टा खिलाते थे. खास बात यह है कि यह प्लेटफार्म भारत के बाहर से होस्ट होते हैं. पुलिस ने छापे में मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए जिसके जरिये यह पूरा खेल खेला जा रहा था.

कैसे खिलाया जाता था सट्टा
सट्टा खिलाने के लिए सटोरिये सबसे पहले ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी प्लेटफार्म पर बुकी अपना अकाउंट खोलते हैं. आमतौर पर इन सटोरियों का एक समूह कुछ दिनों के लिए कोई फ्लैट किराए पर लेता था और फिर वहीं से यह पूरा काम करते थे. जांच अधिकारी बताते हैं कि सट्टा लगाने की प्रक्रिया में सटोरिये आमतौर पर एक साथ एक जगह से काम करना पसंद करते हैं ताकि वह अपने संसाधनों को साझा कर सकें और एक दूसरे की मदद कर सकें. मसलन अगर एक सटोरिये के पास कई लोगों ने सट्टा लगाने के लिए बोल दिया है तो दूसरा उसकी मदद करेगा और कुछ ग्राहकों के लिए सट्टा लगाने का काम करने लगता है.

हर कदम, हर एक्शन पर दांव
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सट्टा लगाने वाले फोन ऐप पर दांव की दरें देखते हैं. जो दो तरह की होती हैं ‘ले’ और ‘बैक’. जब कोई व्यक्ति किसी बात के होने पर दांव लगाता है तब वह बैक होता है और जब किसी बात के नहीं होने पर दांव लगाया जाता है तो उसे ले कहा जाता है. जिन ऐप्स पर यह सट्टेबाजी होती है वह एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जहां सट्टेबाजी की दरें तय रहती हैं. टीम के जीतने हारने से लेकर चौके-छक्का, आउट होना, एक गेंद पर कितने रन, कौन सी टीम कितना स्कोर करेगी, बल्लेबाज कितने रन बनाएगा या गेंदबाज कितने विकेट लेगा, टॉस कौन जीतेगा तक पर दांव लगता है.

पैसों का लेनदेन पूरी तरह से नकद होता है ताकि लेनदेन का कोई सबूत नहीं रहे. अक्सर यही लेनदेन विवाद की वजह भी बनता है. जांच में यह भी सामने आया कि जिन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म के जरिए इस सट्टे का संचालन हो रहा है उनमें से मुख्यतौर पर यूरोप और मिडिल ईस्ट से हैं. यही नहीं इस मामले में एक दिलचस्प बात सामने आई है कि सटोरिये फोन आधारित ऐप का इस्तेमाल इसलिए करते हैं क्योंकि टीवी पर हो रहे टेलीकास्ट से कुछ देर पहले उस पर प्रसारण देखा जा सकता है.

वजन कम करने की यह ट्रिक पेट की चर्बी पर करता है तगड़ा वार, कुछ ही दिनों में दिखेगा फर्क, अपनाना भी है बहुत आसान

Tips to lose weight: शरीर का ज्यादा वजन हेल्थ के लिए मुसीबत से कम नहीं है. पर सच्चाई यह है कि पूरी दुनिया में मोटापा तेजी से फैलता जा रहा है. पिछले 30 सालों में ज्यादा वजन वाले लोगों की संख्या 3 गुना बढ़ी है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मोटापा से पीड़ित वयस्कों की संख्या 2 अरब से ज्यादा हो गई है. यहां तक कि बच्चे भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक 5 साल से कम उम्र के 3.9 करोड़ बच्चे ज्यादा वजन के शिकार हैं. मोटापा कई बीमारियों की जड़ है. मोटापे के कारण डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी प्रोबल्म, ब्रेन प्रोब्लम जैसी समस्याएं होती हैं जो क्रोनिक बन जाती है. भारत में मोटापे की वजह से अधिकांश लोगों के पेट पर चर्बी जमा होने लगती है. मोटापे को कम करने के लिए लोग मेहनत भी काफी करते हैं, इसके बावजूद अधिकांश लोगों का वजन नहीं घटता.

दरअसल, मोटापा काम करने के लिए कई चीजों की जरूरत एक साथ होती है. इसके लिए पहले भोजन की मात्रा पर कंट्रोल करना पड़ता है और दूसरा शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना पड़ता है. इसके साथ नींद, स्ट्रेस जैसे कई कारक है जिनपर काम करने की जरूरत होती है. हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक वजन कम करने के लिए सबसे पहले डाइट पर नियंत्रण जरूरी है. डाइट में निम्नलिखित तरीका अपनाएंगे तो निश्चित रूप से वजन कम होगा.

Vegetarian Foods for Weight Loss: मोटापा कई खतरनाक बीमारियों की जड़ है. मोटापे के कारण डायबिटीज, हार्ट डिजीज, किडनी प्रोबल्म, ब्रेन प्रोब्लम जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है. ज्यादा वजन से सिर्फ एक देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया परेशान है. आज जिस तरह से लोगों का जीवन शिथिल होता जा रहा है, उसमें मोटापा की बीमारी सबसे ज्यादा होने लगी है. लोग शरीर को हिलाते-डुलाते नहीं है, उपर से अनहेल्दी भोजन करते हैं. भोजन से जो कैलोरी बनती है, वह खर्च नहीं होती, यही कारण है कि लोगों के शरीर में बेलगाम चर्बी बढ़ने लगी है. इसलिए जरूरी यह है कि शुरुआत से ही वजन पर कंट्रोल किया जाए. अगर शुरुआत से ही हम अपने खान-पान को हेल्दी बना लें तो हमें मोटापा का शिकार ही नहीं होना होगा. अगर वजन बढ़ गया है तो अभी से यदि खान-पान को सुधार लिया जाए और कुछ शारीरिक व्यायाम किया जाए तो मोटापा पर लगाम लग सकता है. यहां कुछ ऐसे फूड बताए गए हैं जिनका सेवन कर वेजिटेरियन आदमी भी मोटापे को कम कर सकता है |

मोटापा कम करने वाले फूड
यदि आपका वजन ज्यादा हो गया है और आप वेजिटेरियन हैं तो आपके लिए ये फूड फायदेमंद साबित हो सकता है. वेजिटेरियन में आमतौर पर प्लांट फूड का सेवन करना चाहिए. लेकिन इसमें हमें यह देखना होगा कि किस वेजिटेरियन फूड में कार्बोहाइड्रेट और वसा कम है और प्रोटीन ज्यादा है.

1. नॉन-स्टार्ची वेजिटेबल-नॉन स्टार्ची वेजिटेबल में ब्रोकोली, शिमला मिर्च, फूलगोभी, तोरी, मशरूम, टमाटर, बैंगन, गाजर, अजवाइन का साग, ककड़ी आदि शामिल है. इन फूड में वसा और कार्बोहाइड्रैट बहुत कम होता है, इसलिए यह मोटापा का कम करता है.

2. स्टार्ची वेजिटेबल-मटर, आलू, मक्का, और विंटर स्क्वैश स्टार्ची वेजिटेबल के उदाहरण हैं. यदि आप मोटापा को कम करना चाहते हैं तो इन फूड का सेवन करें.

3.फल-फलों में आप बैरीज, जामुन, संतरे, सेब, केले, अंगूर, साइट्रस, कीवी, आम आदि को शामिल कर सकते हैं.

4.बीन्स और फलियां: बींस और फलीदार सब्जियों में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन होता है जबकि फैट और कार्बोहाइड्रेट बहुत कम होता है. इसलिए ये सब्जियां वजन पर लगाम लगाती है. इसमें मसूर की दाल, काली बीन्स, पिंटो बीन्स और किडनी बीन्स जैसी सब्जियां शामिल हैं.

5.नट्स और सीड्स-नट्स और सीड्स न सिर्फ मोटापा बल्कि अन्य कई बीमारियों से बचाता है. इसमें बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, सूरजमुखी के बीज, चिया के बीज, नट बटर आदि को शामिल कर सकते हैं.

6.लीन प्रोटीन-बीन्स, फलियां, मेवे, बीज, नट बटर, अंडे, ग्रीक योगर्ट, दूध, और सोया उत्पाद जैसे टोफू, टेम्पेह, और एडामेम में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. इससे मोटापा समेत कई बीमारियों पर लगाम लगाया जाता है.

7. हेल्दी फैट: एवोकैडो, जैतून का तेल, नारियल, नट, बीज, नट बटर, पनीर हेल्दी फैट के उदाहरण है.

8. पानी और अन्य हेल्दी पेय पदार्थ: वजन कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इसके अलावा फ्रूट इंफ्यूज्ड वाटर और सादा कॉफी और चाय भी वजन कम करने में कारगर है |

वजन कम करने के लिए डाइट फॉर्मूला

1.आधी थाली बिना स्टार्च वाली सब्जियां-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक भोजन के दौरान अपनी थाली का आधा हिस्सा ऐसी सब्जियों से भरें जिनमें स्टार्च या कार्बोहाइड्रैट बहुत कम हो. इसके लिए आप ब्रोकली, फूलगोभी, हरी पत्तीदार सब्जियां और मशरूम आदि का चुनाव कर सकते हैं.

2. भोजन और नाश्ते में प्रोटीन-चाहे लंच हो, डिनर हो या ब्रेकफास्ट, इन सभी में प्रोटीन को शामिल करना न भूलें. इसके लिए आप बींस, बादाम, सीड्स, मसूर की दाल, अंडा, डेयरी प्रोडक्ट और सोया प्रोडक्ट को शामिल कर सकते हैं.

3. कार्बोहाइड्रैट का विकल्प-कई ऐसे फूड हैं जो कार्बोहाइड्रैट का बेहतर विकल्प है. इसके लिए आप साबुत अनाज, स्टार्ची सब्जियां, फल और फलियां का सेवन कर सकते हैं. ये फूड बहुत देर तक भूख नहीं लगने देती है.

4. कुदरती फूड का सेवन-वजन कम करने के लिए बाहर की चीजों का सेवन न करें. इसकी जगह ऐसे फूड का सेवन करें जो प्रोसेस्ड न हो. ब्रेड, बिस्कुट, चिप्स, भूजिया आदि प्रोसेस्ड फूड है. इनमें फैट और कार्बोहाइड्रैट की मात्रा बढ़ जाती है. इनकी जगह घर पर ही चीजों को बनाएं और उसका सेवन करें.

5.एक्स्ट्रा सॉल्ट एक्स्ट्रा शुगर से दूरी-वजन कम करने के लिए यह भी जरूरी है कि जिन चीजों में ज्यादा चीनी और नमक हो, उनका सेवन नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही रेड मीट, फ्रोजन मील, अल्ट्रा प्रोसेस्ड चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

6. नींद और तनाव का प्रबंधन-वजन कम करने के लिए पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी जरूरी है.

Biparjoy: तट से 40 किमी दूर फंसे तेल रिग कर्मियों के लिए संकटमोचक बना कोस्टगार्ड, 50 लोगों को सुरक्षित निकाला

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Biparjoy Cyclone: भारतीय तटरक्षक ने मंगलवार को बताया कि उत्तर-पश्चिम टीम ने आईसीजी एएलएच हेलीकॉप्टर और जहाज की मदद से तेल रिग की सिंगापुर में काम कर रहे 50 कर्मियों को बाहर निकाला है। सोमवार की पूरी रात सात बार में सभी कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका।

गुजरात के पास अरब महासागर में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के कारण भारतीय तटरक्षक लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है। सोमवार रात भी कोस्ट गार्ड ने द्वारका तटरेखा से 40 किलोमीटर दूर स्थित तेल खदान से 50 कर्मियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

हाई अलर्ट पर हैं सभी टीमें

भारतीय तटरक्षक ने मंगलवार को बताया कि उत्तर-पश्चिम टीम ने आईसीजी एएलएच हेलीकॉप्टर और जहाज की मदद से तेल रिग की सिंगापुर में काम कर रहे 50 कर्मियों को बाहर निकाला है। सोमवार की पूरी रात सात बार में सभी कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका। हेलीकॉप्टर और जहाज ने समुद्र की खराब स्थिति और खराब मौसम का मुकाबला किया और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सका। गार्ड्स ने बचाव कार्यों के लिए एमके-तीन और एएलएच हेलीकॉप्टर की मदद ली थी। इसके अलावा अन्य टीमें भी हाई अलर्ट पर थी। द्वारका में तैनात एनडीआरएफ टीम के कमांडर वेद प्रकाश ने कहा कि गुजरात में चक्रवात बिपरजॉय के कारण एहतियातन एनडीआरएफ की एक टीम को यहां तैनात किया गया है। गांधीनगर से भी एक टीम को द्वारका भेजा गया है। चक्रवात के कारण अलग-अलग प्रकार की आपातकालीन स्थिति पैदा होती हैं। हम हर प्रकार की परिस्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।