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“अतिरिक्त मुख्य सचिव ने की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, लंबित कार्यों की समयबद्ध पूर्ति और गुणवत्ता पर जोर”

  अश्विनी भगत शुक्रवार को शासन सचिवालय में अल्पसंख्यक मामलात विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों व प्रोग्राम अधिकारियों को थिंक टैंक बनाकर माहवार चर्चा करनी चाहिए जिससे कार्यों को गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ पूरा किया जा सके। भगत ने निर्देश दिए कि विभाग की जिलों में अवस्थित चल-अचल संपतियों का रेकार्ड बनाए एवं बेहतर तरीके से इनका उपयोग करें जिससे आमजन को लाभान्वित किया जा सके।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा निरीक्षण, विद्यार्थियों से संवाद, खाने की गुणवत्ता व आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित जानकारी “टाइम्स” पोर्टल पर अपडेट करें । भगत ने ई- फाइलिंग पर जोर देते हुए कहा कि इसे पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

बैठक में मौजूद पीडब्लूडी, राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड, आरएसआरडीसी, आईसीडीएस सहित विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारिगण को निर्देश देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भगत ने कहा कि विभाग के साथ समन्वय करके चालू वित्तीय वर्ष में लंबित कार्यों को निष्पादित करें तथा जो कार्य अंतिम चरण में है उसे प्राथमिकता दे जिससे आमजन को जल्दी से जल्दी लाभ मिल सके। 

बैठक में अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निदेशक मातादीन मीना, संयुक्त सचिव, अल्पसंख्यक मामलात नीतू बारूपाल सहित राज्य मदरसा बोर्ड, राजस्थान अल्पसंख्यक आयोग, आरएमएफडीसीसी व अल्पसंख्यक मामलात विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण व कर्मचारीगण मौजूद रहे। प्रदेश के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में मौजूद रहे। 

सूचना जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक मोतीलाल वर्मा की सेवानिवृ​त्ति पर कार्मिकों ने दी भावभीनी विदाई

समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव सुनील शर्मा ने वर्मा की कार्य और जीवनशैली को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्मा ने अपने सेवाकाल में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहते हुए निष्ठा, परिश्रम और समर्पण से विभाग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक नर्बदा इं​दोरिया ने वर्मा के सेवाकाल को उर्जा से भरपूर बताया तथा युवा अधिकारियों को उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। सूजस के संयुक्त निदेशक मनमोहन हर्ष एवं जसराम मीणा, उपनिदेशक ओटाराम, सहायक निदेशक गजाधर भरत व अन्य वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में वर्मा के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक ​क्षिप्रा भटनागर, उपनिदेशक रवीन्द्र सिंह, सहायक निदेशक आशीष जैन,  सहायक निदेशक  सुमन मानतुवाल व सपना शाह तथा अन्य  अधिकारी, कर्मचारी तथा वर्मा के परिजन भी उपस्थित रहे। 

मोतीलाल वर्मा ने अपने संबोधन में विभाग के सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और अपने अनुभवों एवं सेवाकाल की स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में कार्य करना उनके लिए एक गौरवपूर्ण अनुभव रहा है।

राजस्थान विज्ञान महोत्सव एवं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 का समापन समारोह— विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों का सम्मान

जयपुर, 28 फरवरी। एपेक्स यूनिवर्सिटी  में आयोजित राजस्थान विज्ञान महोत्सव एवं राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2025 का समापन शुक्रवार को संपन्न हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान भारती राजस्थान और अन्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में विज्ञान एवं नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

समापन समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि सांसद राव राजेंद्र  (जयपुर ग्रामीण) द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। उन्होंने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विजेताओं को पुरस्कृत  कर हार्दिक बधाई दी, साथ ही कार्यक्रम के दौरान दिनभर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत  किया।  उन्होंने विशेष रूप से प्राकृतिक कृषि में नवीन तकनीकों के उपयोग पर बल दिया जिससे कम उर्वरकों का प्रयोग हो और मिट्टी की उर्वरता बनी रहे। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दिशा में नवाचार करने के लिए प्रेरित किया  ताकि विज्ञान और तकनीक समाज और पर्यावरण के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध हो सके।

               विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त वी. सरवण कुमार ने इस महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान को बढ़ावा देने और छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर विज्ञान क्विज, पोस्टर प्रतियोगिता, कार्यशालाएँ, एटीएल शिक्षकों के लिए विशेष सत्र, संकाय व्याख्यान, प्रोजेक्ट वर्कशॉप जैसी गतिविधियाँ संपन्न हुईं। विज्ञानिका, लिक्विड नाइट्रोजन शो, बेसिक लाइफ सपोर्ट और फर्स्ट एड, मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण, रोबोटिक्स शो जैसी सामूहिक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र बनीं। कार्यक्रम के दौरान एसएमएस अस्पताल की प्रशिक्षण टीम ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जिसमे आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए आवश्यक तकनीकों की जानकारी दी गई।

समारोह के दौरान राजस्थान राज्य नवाचार पुरस्कार के विभिन्न वर्गों में विजेताओं को सम्मानित किया गया। विज्ञान और नवाचार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विज्ञान प्रेमियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही  ऐसे विज्ञान इनोवेटर्स को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया जिनके नवाचार पर्यावरण-अनुकूल और सतत विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। कॉलेज और स्कूल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस— 2025 की थीम ”एम्पॉवरिंग यूथ फॉर ग्लोबल लीडरशिप इन साइंस एंड इनोवेशन फॉर विकसित भारत” के अनुरूप इस महोत्सव ने युवाओं को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। समारोह में विभिन्न शिक्षाविद, वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

राजनीतिक दल बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति कर सूचना भिजवाए – उप जिला निर्वाचन अधिकारी

सीकर, 28 फरवरी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रतन कुमार स्वामी ने  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजनीतिक दलों को बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति कर सूचना भिजवाने की बात कही। जिससे कि राज्य निर्वाचन आयोग को यह सूचना समय पर उपलब्ध कराई जा सके। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शुक्रवार को अपने कक्ष में राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल अभिकर्ताओं  की नियुक्ति के संबंध में आयोजित बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।

 उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक दल द्वारा प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर सूचना अपडेट कर जिला निर्वाचन विभाग को भिजवाने का श्रम करें। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल एजेंट की सूचना अपडेट होने से आगामी चुनाव में जिला प्रशासन के बूथ लेवल ऑफिसर से समन्वय कर कार्य करने से चुनावी कार्यों में आसानी होगी। उन्होंने बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों से संबंधित सूचिया जल्द अपडेट कर भिजवाने की अपील की। 

बैठक में राष्ट्रीय राजनीतिक दल भाजपा के महावीर प्रसाद सैन एवं रमेश जलधारी, कांग्रेस के एडवोकेट पुरूषोतम शर्मा, सीपीआईएम के रामरतन बगड़िया, बसपा के भंवर लाल दानोदिया, आम आदमी पार्टी के मुकेश गुर्जर  व चुनाव शाखा से चंद्रप्रकाश सहित अन्य मौजूद रहे

अंबाबाड़ी स्थित महर्षि अरविंद इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट में “तृतीय मल्टी डिसिप्लिनरी कंप्यूटिंग एंड आईटी कन्वर्जेंस 2025” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन

अंबाबाड़ी स्थित महर्षि अरविंद इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट में गुरुवार को “तृतीय मल्टी डिसिप्लिनरी कंप्यूटिंग एंड आईटी कन्वर्जेंस 2025” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में विभिन्न शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च पेपर्स प्रस्तुत किये। कांफ्रेंस में कीनोट स्पीकर के रूप में बोलते हुए विख्यात टेक्नोक्रेट एवं आईटी स्पेशलिस्ट ए3 लॉजिक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अखिलेश शर्मा ने भारत में नए नवाचार एवं तकनीकी पर चर्चा करते हुए कहा कि युवा टेक्नोक्रेट्स को नवीन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी से अवगत करवाने के लिए महाविद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम होते रहना चाहिए । ऐसा करने से ही भारत को हम जल्दी ही विकसित इंडिया बनते हुए देख पाएंगे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक के खतरों के बारे में सावधान रहने और निजात पाने की विभिन्न पहलुओं को वैज्ञानिक तरीके से समझाया।


ज्ञात रहे कि अखिलेश शर्मा को भारत के राष्ट्रपति द्वारा भी आईटी क्षेत्र में नवाचार के लिए सम्मानित किया जा चुका है इसके अलावा उन्हें राजस्थान रत्न डॉट भारत अवार्ड भी मिला है।
अमेरिका से विशिष्ट स्पीकर के रूप में बोलते हुए सतीश पांडे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लार्ज लैंग्वेज मॉडल के माध्यम से प्रोग्रामिंग एवं अन्य स्किल्स में महारत हासिल करते हुए कैरियर बनाने की विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर प्लेसमेंट, सॉफ्ट स्किल्स एवं हार्ड स्किल्स के साथ कैरियर बनाने की प्रक्रिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा करते हुए गेस्ट स्पीकर डॉ अपराजिता दीक्षित ने तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
यूनाइटेड किंगडम इंग्लैंड से एल्युमिनाई स्पीकर मिस मोनिका मंगनानी ने बताया कि जरूरी नहीं है कि सभी लोग प्रोग्रामर बनें । आईटी इंडस्ट्री में विभिन्न प्रकार के जॉब्स उपलब्ध हैं और अब यह जॉब्स समय के साथ बदलते जा रहे हैं जिनमें टेक्निकल राइटिंग का बड़ा स्कोप है।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ भरत पाराशर ने कहा कि तकनीक और प्रबंधन को एक साथ मिलना चाहिए क्योंकि आईटी अनेक क्षेत्रों में अपना रोल प्ले कर रही है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख है। हमें चाहिए कि हम सभी विभिन्न क्षेत्रों के लोग आईटी को अपना साधन बनाएं और ऑटोमेशन की दिशा में आगे बढ़े।
इस कार्यक्रम में उपस्थित डिजिटल डिप्लोमेट एवं कंप्यूटर साइंटिस्ट डॉ डीपी शर्मा ने कहा की तकनीक के बिना आज किसी व्यक्ति का सरवाइव करना मुश्किल है । मोबाइल और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी ने हर घर में प्रवेश कर लिया है और अब हम एक नए दौर की तरफ आगे बढ़ रहे हैं जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट कंप्यूटिंग के साधनों से हमारी दुनिया एक मेटा वर्ष दुनिया की तरफ आगे बढ़ रही है।


कॉन्फ्रेंस कन्वीनर डॉ महावीर सेन, सेक्रेटरी विपिन सिंह एवं उपप्राचार्य सुनील चौहान ने अपने रिसर्च पेपर प्रजेंट कर तकनीक के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। कार्यक्रम का संयोजन एवं एंकरिंग नलिनी रोहिया ने किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ मयंक शर्मा ने बताया कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की मास्टर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशंस की राज्य स्तरीय मैरिट में द्वितीय एवं पंचम स्थान पर टॉप किए जाने पर साक्षी शर्मा एवं जेसिका भारद्वाज को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

“जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने किया रीट परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, देखी व्यवस्थाएं।पहली पारी में 90.67% और दूसरी पारी में 93.18% रही उपस्थिति, 28 फरवरी को 4226 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा।”

जिला कलेक्टर ने बताया कि परीक्षा में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी बाधा के परीक्षा में सम्मिलित हो सकें एवं अपने भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें। उन्होंने केंद्रों का निरीक्षण कर बायोमेट्रिक एवं फेस रिकॉग्निशन प्रणाली का स्वयं जायजा लिया। उन्होंने परीक्षार्थियों की पहचान सत्यापित करने एवं फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान करने हेतु बायोमेट्रिक तथा फेस रेकग्निशन तकनीक का उपयोग उच्च स्तर से आए निर्देशों के अनुसार करने के निर्देश दिए तथा पूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी सुनिश्चित करने को कहा। 

इस दौरान जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली एवं चिकित्सा सहायता जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का जायजा लिया।

प्रथम पारी में 90.67% तथा द्वितीय पारी में 93.18% रही उपस्थिति

जिला परीक्षा समन्वयक शिवपाल जाट ने बताया कि रीट परीक्षा कि प्रथम पारी में 3934 विद्यार्थियों में से 3567 विद्यार्थियों ने तथा द्वितीय पारी में 4160 में से 3827 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा। इस तरह प्रथम पारी का उपस्थित प्रतिशत 90.67% तथा द्वितीय पारी में उपस्थित प्रतिशत 93.18% रही।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि परीक्षा में पारदर्शिता के मद्देनजर जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा में स्थापित किए गए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से परीक्षा आयोजन पर नजर रखी गई। उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण कर परीक्षा से जुड़ी समस्त व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को,पेपर और ओएमआर शीट की सुरक्षा एवं गोपनीयता, कानून व्यवस्था, प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन, परीक्षार्थियों की सुविधाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।

28 फरवरी को 4226 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि रीट परीक्षा आयोजन के द्वितीय दिवस पर 28 फरवरी को जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर  4226 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे.

सभी राजनैतिक दल 5 मार्च तक प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बीएलए नियुक्त करें

राजस्थान सरकार

सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, श्रीगंगानगर

सभी राजनैतिक दल 5 मार्च तक प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बीएलए नियुक्त करें

श्रीगंगानगर, 28 फरवरी। राज्य निर्वाचन विभाग जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्येक मतदान केन्द्रों पर राजनैतिक दलों द्वारा बूथ स्तरीय अभिकर्ता की शत-प्रतिशत नियुक्ति की जानी चाहिए। 

अतिरिक्त जिला कलक्टर सतर्कता रीना ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में जानकारी दी कि आयोग के निर्देशानुसार सभी राजनैतिक दल 5 मार्च 2025 तक आवश्यक रूप से प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बीएलए नियुक्त कर इसकी सूचना निर्वाचन कार्यालय को देवे। एडीएम सतर्कता ने कहा कि निर्वाचन आयोग बीएलए की नियुक्ति को लेकर गंभीर है। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर बीएलए होने से काफी मदद मिलती है। बीएलए मृत व्यक्तियों के नाम सूची से हटवाने में, जो व्यक्ति मतदाता सूची से वंचित है, उसका नाम जुड़वाने तथा गलत नामों को हटवाने में मदद करता है। 

उन्होंने जानकारी दी कि राजनैतिक दल के अध्यक्ष द्वारा प्रारूप-1 में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की जायेगी तथा जिला अध्यक्ष द्वारा प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिये बीएलए नियुक्त करेंगे। नियुक्त बीएलए की सूची कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। बीएलए नियुक्त करते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि बीएलए उसी क्षेत्र का हो तथा रजिस्टर्ड मतदाता हो। बीएलए मतदाता सूचियों के अद्यतन के अलावा मतदाताओं को जागरूक करने में भी मदद करता है। जिले की 6 विधानसभाओं में कुल 1463 मतदान केन्द्र है। सभी राजनैतिक दलों को प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिये एक-एक बूथ स्तरीय अभिकर्ता की नियुक्ति की जानी है। 

बैठक में भारतीय जनता पार्टी से प्रदीप धेरड़, बीएसपी से भजनसिंह, आप पार्टी से शंकर मेघवाल सहित अन्य राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित थे। 

“मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से सदन में टूटा गतिरोध।सदन की मर्यादा सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों की जिम्मेदारी।विकसित और उत्कृष्ट राजस्थान बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ना होगा।”

 भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता का ध्यान रखते हुए विकसित एवं उत्कृष्ट राजस्थान बनाने के लिए सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा कैसे रहे, यह सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों की जिम्मेदारी है। 

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई दिन से चले आ रहे गतिरोध के समाप्त होने के बाद गुरुवार को सदन में अपने वक्तव्य में कहा कि जब हम सभी सदस्य सदन में चर्चा करते हैं और वाद-विवाद होता है तो कई बात ऐसी भी निकल जाती है जो हम कहना नहीं चाहते लेकिन उसके लिए सदन बाधित होना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम चाहे पक्ष के हों या प्रतिपक्ष के सदस्य हों, राजस्थान की जनता को हम सभी से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। जनप्रतिनिधि के प्रति जनता के मन में जो सम्मान और समर्पण का भाव होता है, उसका अगर ध्यान रखेंगे तो मेरा और तेरा का फर्क खत्म हो जाएगा। 

शर्मा ने कहा कि हमारा कोई भी वक्तव्य जो सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं होता है, वह जनता या अन्य सदस्यों के लिए ही गलत नहीं होता बल्कि खुद के लिए भी गलत और रात काली करने वाला होता है। जो भी सदस्य गलत बोलता है उसको पश्चाताप होता है। इसलिए हम जो भी बात बोलें, उसे सोच-विचार कर रखना चाहिए क्योंकि छोटी सी बात धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते कितनी बड़ी हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यक्ष के आसन पर बहुत बड़ी-बड़ी विभूतियां विराजमान रही हैं, वो सभी हमारे लिए सम्मानीय रहे हैं। अध्यक्ष हम सभी के लिए सम्माननीय होते हैं। सदन को चलाने के लिए अध्यक्ष ही हमारे प्रमुख होते हैं। उन्होंने कहा कि सदन में हमारे साथी कई बार प्रूफ देते हैं, नियमों की जानकारी देते हैं लेकिन सबसे बड़ा नियम और संयम यह है कि हम इन नियमों की पालना करें। जोर से हल्ला मचाते हुए या एक दिन किसी सुर्खी को बनाने से पहले हमें ध्यान देना चाहिए क्योंकि सदन का समय बहुत कीमती होता है और इसका पूरा खर्च राजस्थान की जनता वहन करती है। हमें सोचना चाहिए कि सदन में हमारा एक-एक मिनट कैसे उपयोगी हो सकता है। राजस्थान की जनता के लिए हम क्या कर सकते हैं। अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के प्रति हमारी सद्भावना क्या है, उस पर विचार करने के लिए यह सदन है। 

शर्मा ने कहा कि 2-3 दिन से सदन में बड़ा व्यवधान था, जिस पर कई लोगों ने कहा कि सदन की कार्यवाही आगे के लिए स्थगित कर दी जाए लेकिन मैंने कहा कि सदन इसके लिए नहीं होता है। यह राजस्थान की जनता का सदन है। राजस्थान की जनता सोचती है कि यहां हमारे जनप्रतिनिधि चाहे वो पक्ष या विपक्ष हों, वे हमारे लिए विचार करते हैं। उन्होंने कहा कि भावावेश में आकर हम कई प्रकार की टिप्पणी करते हैं, जो ठीक नहीं है। जो बड़ा होता है उसको बड़प्पन के आधार पर अपना व्यवहार-आचरण बदलना होता है। उसको देखना पड़ता है कि किस पद पर हूं, कैसा व्यवहार मुझे करना है और कैसा नहीं करना है। जिस वृक्ष में फल लगते हैं वही झुकता है इसलिए सभी सदस्य गरिमा के साथ आचरण करें। उनके व्यवहार से या शब्दों से कोई आहत हो, यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा कैसे रहे, यह सुनिश्चित करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों की जिम्मेदारी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हमारे विपक्ष और पक्ष के जो भी सदस्य अच्छा बोलते हैं, मैं उनको फोन करता हूँ कि आप बहुत अच्छे बोले। मैंने नेता प्रतिपक्ष को भी एक बार फोन करके कहा कि आपने अच्छी बात बोली। उन्होंने कहा कि अच्छे को अच्छा कहना हमें सीखना होगा। अच्छी बात बोलने वालों को उत्साहित करना होगा और गलत को गलत भी कहना होगा। 

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मंत्री द्वारा बोले शब्दों को विलोपित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता हमें देखती है इसलिए टिप्पणी चाहे उधर से हो या इधर से हो, कहीं भी ठीक नहीं होती है। जिस उद्देश्य, भाव और भावना से सदन में राजस्थान की जनता ने हमें भेजा ह हमें उसे पूरा करना है। उन्होंने कहा कि हम तो विपक्ष को अपनी ताकत मानते हैं और विपक्ष जो भी कहता है, उस बात पर संज्ञान भी लेते हैं जिससे राजस्थान की जनता को उसका फायदा मिले।

मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में प्रतिपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने गतिरोध समाप्त करने की पहल करने के लिए संपर्क किया। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने सदन में गतिरोध समाप्त करने की पहल करते हुए वार्ता करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद व्यक्त किया।

सोबर का शपथ ग्रहण एवं स्नेह मिलन समारोह 2 मार्च को।

सोसायटी आफॅ ब्राह्मण एग्जिक्यूटिवस् राजस्थान,

जो ब्राह्मण समाज के सक्षम एवं लोक हितार्थ समर्पित व्यक्तियों का अग्रणी संगठन है , ब्राह्मण समाज एवं बिशेष कर समाज के निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए प्रयासरत है ,का स्नेह मिलन एंव शपथ ग्रहण समारोह आगामी 2मार्च को प्रातः 11.00 से 3.00 बजे तक सभागार पारीक कालेज बनीपार्क जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। समारोह में मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद धनश्याम जी तिवाड़ी होगे, वही अध्यक्षता जयपुर लोकसभा सांसद मंजू जी शर्मा करेंगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सिविल लाइंस विधायक गोपाल जी शर्मा होगे। सोबर के अध्यक्ष डॉ शिव गौतम ने बताया कि कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के सुनील तिवाड़ी विप्रसेना प्रमुख , अनुराग शर्मा राष्ट्रीय ,अध्यक्ष गौड सनाढय ब्राह्मण महासभा, बिरधी चंद शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष हरियाणा गौड ब्राह्मण महासभा, सुरेश उपाध्याय संरक्षक राजस्थान गूर्जर गौड ब्राह्मण महासभा, पारस नारायण शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष समता, सर्वेश शरण जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष, विप्र सेना, अनिल कुमार शर्मा अध्यक्ष खाण्डल्य ब्राह्मण महासभा, विजय हरीतवाल अध्यक्ष गौड ब्राह्मण महासभा, कर्नल राजेश शर्मा अध्यक्ष विप्र फाऊंडेशन जोन 1,देवी शंकर शर्मा अध्यक्ष गौड सनाढय ब्राह्मण महासभा, गिरधारी लाल कैसोट , अध्य्क्ष, पारीक ब्राह्मण महासभा, सुनील उदैया अध्यक्ष विप्र महासभा, अनिल चतुर्वेदी अध्यक्ष परशुराम सेना, महेश शर्मा पूर्व अध्यक्ष विप्र कल्याण बोर्ड राजस्थान सरकार, ओम प्रकाश तिवाड़ी अध्यक्ष आदि गौड ब्राह्मण महासभा राजस्थान, जीपी शुक्ला अध्यक्ष कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज महा सभा, दिनेश शर्मा ओ एस डी मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, पंकज ओझा आइ ए एस ,अम्बिका प्रसाद पाठक अध्यक्ष राजस्थान ब्राह्मण महासभा, एस डी शर्मा पूर्व अध्यक्ष देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार , अनुपम जोली अध्यक्ष हिन्दू मंदीर समन्वय समिति , भाग लेगे।कार्यक्रम में शपथ ग्रहण के साथ ही समस्त ब्राह्मण समाज के सभी संगठन एकता दिखाते हुए समस्त ब्राह्मण समाज के हितों के लिए कैसे कार्य करे इसकी रूपरेखा एवं रणनीति पर मंथन करेंगे।

खाद्य सुरक्षा पोर्टल में इस साल लगभग 7 लाख लोगों को जोड़ा – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि 26 जनवरी 2025 से खाद्य सुरक्षा पोर्टल खोल दिया गया है तथा इसमें निरंतर नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पोर्टल खुलने के पश्चात् लगभग 7 लाख नए व्यक्तियों को जोड़ा गया है, जिनमें ज्यादातर शादीशुदा महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। पिछले साल 12 लाख 95 हजार लोगों को जोड़ा गया था। 

गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ई-केवाईसी में 10 साल से छोटे बच्चों तथा 70 साल से ज्यादा की उम्र वाले बुजुर्गों को आइरिस स्कैनिंग एवं ई- केवाईसी से छूट दी गई है। 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि डीडवाना विधानसभा क्षेत्र में कुल राशन कार्डों की संख्या 1 लाख 1 हजार 291 हैं, तथा 4 लाख 7 हजार 367 यूनिट को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बतायाकि पिछले वर्ष योजना में 3 हजार 580 लाभार्थियों को जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विधानसभा क्षेत्र डीडवाना से 4 हजार 276 आवेदन प्राप्त हुए हैं।     

 इससे पहले विधायक यूनुस खान के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि विधान सभा क्षेत्र डीडवाना में 124 उचित मूल्य की दुकानें संचालित हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित 500 राशन कार्ड अथवा 2000 यूनिट पर उचित मूल्य दुकान आवंटन के निर्धारित मापदण्डानुसार है। उन्होंने डीडवाना विधान सभा क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानवार, पात्र परिवारवार विवरण सदन के पटल पर रखा।

 उन्होंने कहा कि 07 अप्रेल 2010 तथा 26 दिसम्बर 2019 के विभागीय निर्देशों द्वारा राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्‍तर्गत चयनित 500 राशनकार्डों अथवा 2000 यूनिट पर नवीन उचित मूल्‍य दुकान खोले जाने के मापदण्‍ड निर्धारित है। उन्होंने कहा कि नवीन उचित मूल्य की दुकान खोला जाना एक सतत् प्रक्रिया है। 

गोदारा ने कहा कि जिला डीडवाना-कुचामन में कुल 4,99,382 राशन कार्ड धारक हैं। खाद्य सुरक्षा योजना में 2,86,644 परिवारों  के 12,14,998 यूनिट को उक्त योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने विधानसभावार विवरण सदन के पटल पर रखा।