Home Uncategorized जयपुर में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान – राइजिंग राजस्थान, विपक्ष पर तीखा हमला और जातिगत जनगणना की मांग

जयपुर में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान – राइजिंग राजस्थान, विपक्ष पर तीखा हमला और जातिगत जनगणना की मांग

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राइजिंग राजस्थान इवेंट में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने खास बातचीत की। उन्होंने राजस्थान की तरक्की, निवेशकों की भूमिका, जातिगत जनगणना और विपक्ष की राजनीति पर तीखे बयान दिए। आइए सुनते हैं, उन्होंने क्या कहा।

राइजिंग राजस्थान पर मंत्री का बयान

राइजिंग राजस्थान पर जब उनसे सवाल किया गया तो मंत्री रामदास अठावले ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व का परिणाम बताया।

रामदास अठावले:
राइजिंग राजस्थान मोदीजी के नेतृत्व में राइजिंग हो जाएगा। भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में राजस्थान में बहुत सारे निवेशक आए हैं। ये युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा मौका है। मुंबई से भी कई उद्योगपति आए हैं। मैं अपील करता हूं कि और निवेशक राजस्थान में आएं और यहां की इकोनॉमी को मजबूत करें। भारत सरकार से राजस्थान को पूरा सपोर्ट मिलेगा।

विपक्ष पर हमला
विपक्ष की संसद में हंगामे की रणनीति पर मंत्री ने तीखा हमला किया।

रामदास अठावले:
ये पहले ही सत्ता से आउट हो चुके हैं। इनके पास कोई और काम नहीं बचा। बार-बार वेल में आकर हंगामा करते हैं और संसद का समय बर्बाद करते हैं। मैं चेतावनी देता हूं कि अगर ये ऐसा करते रहे तो अगली बार इनकी सीटें और भी कम हो जाएंगी। जनता सब देख रही है, मोदीजी क्या कर रहे हैं और ये क्या कर रहे हैं।

जातिगत जनगणना पर पक्ष
जातिगत जनगणना पर रामदास अठावले ने अपनी पार्टी की भूमिका साफ की।

रामदास अठावले:
जातिगत जनगणना होनी चाहिए। इससे हर जाति का प्रतिशत पता चलेगा और सरकार योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू कर पाएगी। लेकिन मैं राहुल गांधीजी से पूछता हूं कि जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने ये क्यों नहीं किया? वो भी जानते हैं कि इसमें क्या समस्याएं हैं। फिर भी, बीजेपी की भूमिका यही है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए।

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भूमिका पर भी मंत्री ने बयान दिया।

रामदास अठावले:
एकनाथ शिंदे के कारण ही महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की जीत हुई। पहले ढाई साल के लिए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। लेकिन बीजेपी की वन थर्ड सीटें होने के कारण हाईकमान तैयार नहीं था। फिर भी, मोदीजी और अमित शाह जी का निर्णय सबको मंजूर है।

तो ये थे रामदास अठावले, जिन्होंने राइजिंग राजस्थान से लेकर जातिगत जनगणना और विपक्ष की राजनीति तक बेबाकी से अपनी बात रखी। 

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