अरिस्दा का डॉक्टर्स के साथ किये अमर्यादित आचरण पर गुस्सा ! पेन डाउन की चेतावनी !
बाड़मेर :सेड़वा में हॉस्पिटल में हुए डॉक्टर के साथ हुई घटना ने डॉक्टर्स को एक बार फिर से सरकार के खिलाफ खड़ा कर दिया हैं और अब संगठन की मांग हैं कि दोषी SDM पर कार्यवाही की जाये। बाड़मेर के एसडीएम का डॉक्टर को धमकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अधिकारी डॉक्टर को लताड़ लगाते नजर आ रहे हैं। एसडीएम ने डॉक्टर को पुलिस के हवाले करने की भी धमकी दी। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने के साथ ही कई डॉक्टर नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। घटनाक्रम कल यानी 1 फरवरी का है, जब सेड़वा एसडीएम उपखंड अधिकारी SDM बद्रीनारायण अस्पताल निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एक मरीज के इलाज के लिए डॉक्टर को लताड़ लगा दी। हालांकि वीडियो में डॉक्टर बार-बार अधिकारी को समझाने की कोशिश भी कर रहा हैं। वह अधिकारी से कह रहा था कि मरीज का इलाज शुरू हो चुका है, लेकिन एसडीएम सुनने को तैयार नहीं थे। जवाब सुनने के बाद एसडीएम बुरी तरह भड़क गए और डॉक्टर को धमकाते हुए बोला कि अभी मैं 1 मिनट के अंदर तुझे पुलिस के हवाले कर दूंगा
सेड़वा एसडीएम मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान एक महिला अस्पताल के बेड पर भर्ती थी। अधिकारी को लगा कि महिला की हालत खराब है तो उन्होंने डॉक्टर को बुलाया और कहा कि इस महिला का तुरंत इलाज करो।
जवाब में डॉक्टर ने कहा कि मैंने इसे अभी देखा है. यह सुनते ही एसडीएम साहब का पारा सातवे आसमान पर चढ़ गया और सद्म साब भड़क गए और बोले कि इधर आ क्या नाम है, तुम्हारा इधर आ जो मैं कह रहा हूं. सुन नहीं रहा हैं क्या. इस पर डॉक्टर ने प्रतिक्रिया दी कि अभी चेक किया है.। इस सब मामले के बाद जब मामले ने तूल पकड़ लिया तो SDM ने अपनी सफाई देते हुए माफ़ी भी मांग ली
इस मामले के बाद अखिल राजस्थान सेवारत चिकिस्ट्स संघ डॉक्टर के पक्ष में आकर खड़ा हो गया हैं। संघ की मांग हैं कि दोषी SDM के खिलाफ कार्यवाही की जाये। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी का कहना हैं किडॉक्टरो के साथ इस तरह का व्यवहार अनुचित हैं हम इसकी निंदा करते है। इसके विरोध में अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ(अरिस्दा) की कोर कमेटी के निर्णय अनुसार राज्य के समस्त सेवारत चिकित्सक सोमवार 03 फरवरी को सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे । ये हमारा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन होगा, अगर इसके बाद भी इस तरह का अमर्यादित आचरण कर मानवीय सेवाओं में बाधा डालने वाले अधिकारी के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती है तो राज्य अरिस्दा अगला कदम उठाने के लिए विवश होगा।