एन. रघुरामन का कॉलम:कपड़ों के रंगों की समझ फैशन से ज्यादा आपका आत्मविश्वास बढ़ाती है

Apr 24, 2026 - 06:04
एन. रघुरामन का कॉलम:कपड़ों के रंगों की समझ फैशन से ज्यादा आपका आत्मविश्वास बढ़ाती है
बुधवार की शाम जब हम मुंबई में अंधेरी के डीएन नगर से गुजर रहे थे तो दुनिया एक रंगीन गैलरी जैसी हो गई। हमारे ऊपर घना हरा कैनोपी फैला था, जबकि पैरों तले सड़क गिरे हुए फूलों के मुलायम, मखमली कारपेट में बदल गई थी। यह ‘सोनमोहर’ का मौसम था- गर्मी का वो खास फूल, जो आपको ऊपर झांकने को मजबूर करता है। गिरते फूलों को देख कर मैं मुस्कुराए बिना नहीं रह पाया। पेड़ उन शरारती बच्चों से लग रहे थे, जो किसी शादी में पहली मंजिल की बालकनी से मेहमानों पर फूल बरसा रहे हों। जैसे ही वे हमें ऊपर झांकते हुए देखते, भाग जाते। इसी तरह पत्ते भी अचानक चली हवा से बाएं से दाएं झूमते हुए एक-दूसरे के पीछे छिप जाते। ऐसा लग रहा था मानो बच्चे अपने ही खेल में खिलखिला रहे हों। हरे रंग पर नाचते पीले फूलों को देखते हुए मेरी पत्नी ने कहा कि ‘यह पैलेट मुझे अतीत में ले जाता है। दशकों पहले मेरे पास एक पीली मैक्सी और हरा टॉप था। उस वक्त यही फैशन की ऊंचाई थी। सोचती हूं… समर-2026 का असली रंग क्या है?’ *मानो ‘आज के ब्रह्मांड' यानी स्मार्टफोन ने हमारी बात सुन ली हो*। नोटिफिकेशन की आवाज आई। डिजिटल जगत के पास जवाब तैयार था : ‘समर-2026 के लिए मुख्य रंग ‘बटर येलो’ है- एक क्रीमी, हल्का रंग, जो ट्रेंड से विकसित होकर सॉफिस्टिकेटेड ‘न्यू न्यूट्रल’ बन गया है। बटरी शेड जहां सबसे आगे हैं, वहीं अधिक वायब्रेंट इम्पैक्ट के लिए कैनरी येलो और चार्ट्रूज भी बोल्ड और हाई-कॉन्ट्रास्ट विकल्प के तौर पर उभर रहे हैं।’ नोटिफिकेशन की इस टाइमिंग पर वह हंस पड़ीं। फिर उनका ध्यान मेरे वार्डरोब पर गया। उन्होंने कहा कि ‘मुझे याद है आपके पास एक हल्की पीली शर्ट है, जिसे आपने काफी समय से नहीं पहना।’ मैंने कहा, ‘उस शेड से मुझे एटियोलेटेड प्लांट्स याद आते हैं।’ यह ऐसे पौधों के लिए बॉटनिकल शब्द है, जो कम रोशनी में पीले और कमजोर हो जाते हैं। मेरे लिहाज से यह लुक मुझे थोड़ा फीका और भुतहा जैसा लगता है। लेकिन उनके पास इसका स्टाइलिश समाधान था। वे बोलीं, ‘फिर इसे डार्क ट्राउजर के साथ मत पहनना। क्रिस्प व्हाइट ट्राउजर के साथ पहनो।’ यह थ्योरी समझने के लिए साइकोलॉजी की डिग्री नहीं चाहिए कि गर्मियों के लिए पीला रंग क्यों अच्छा है। गर्मियों में इसके व्यावहारिक फायदे हैं। पहनावे की सुंदरता से ज्यादा पीला रंग गर्मियों में बेहद कारगर भी है। लेमन और पेल-बनाना जैसे हल्के शेड धूप को सोखने के बजाय उसे रिफ्लेक्ट करते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। यह ब्लू डेनिम, सफेद धोती और टैन लेदर सैंडल जैसे गर्मियों के पहनावे से मैच करता है, जो चेन्नई में गर्मियों की शादी के लिए बिल्कुल सही है। मनोवैज्ञानिक तौर पर पीला रंग आशावाद, गर्मजोशी और आनंद से जुड़ा है। फैशन में यह पहनने और देखने वाले, दोनों के लिए डोपामिन शॉट जैसा होता है। पीला रंग चुनना प्लेफुल, अप्रोचेबल और हाई-एनर्जी पर्सनैलिटी का संकेत है। इससे आप दूसरों के लिए आकर्षक बन जाते हैं, जैसे आप खुद रोशनी बिखेर रहे हों। जब हर तरफ न्यूट्रल लिनेन और प्रेडिक्टेबल फ्लोरल्स की भरमार है तो पीला रंग बिना तड़क-भड़क के भी ध्यान खींचता है। इसमें नैसर्गिक चमक है, जो बेहद खूबसूरती से रोशनी को पकड़ती है- फिर चाहे आप धूप में हों या हल्की रोशनी वाले शाम के कार्यक्रम में। यह एक फोकल पॉइंट बनाता है, जिससे आपका आउटफिट सोच-समझकर पहना हुआ और हाई-फैशन वाला लगता है। यदि आप मानते हैं कि रंग मायने रखते हैं तो इस गर्मी में पीला रंग पहनना महज एक ग्लोबल ट्रेंड फॉलो करना नहीं, बल्कि किसी ऊर्जा को अपनाने जैसा है। फंडा यह है कि आप किसी मीटिंग, शादी, पार्टी या किसी साधारण सोशल गैदरिंग पर कौन-सा रंग पहनते हैं, इस बारे में जितना जानेंगे, उतना ही आत्मविश्वास में बढ़ोतरी महसूस करेंगे। और पीला रंग एक बोल्ड चॉइस है, जो परोक्ष तौर पर कहता है कि ‘आप नजर आने से डरते नहीं हैं।’