संगीत, फिल्म और टीवी शो में अमेरिकी दबदबा घट रहा:स्पोटिफाई, नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर दुनियाभर में लोकल भाषाएं मजबूत हो रहीं

Jun 13, 2026 - 18:03
संगीत, फिल्म और टीवी शो में अमेरिकी दबदबा घट रहा:स्पोटिफाई, नेटफ्लिक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर दुनियाभर में लोकल भाषाएं मजबूत हो रहीं
11 जून को फुटबॉल वर्ल्ड कप के उद्घाटन ‎समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश और इटालियन ‎भाषाओं में प्रस्तुत आधिकारिक गीत ने वैश्विक ‎एकता का संदेश दिया। आने वाले हफ्तों में दुनिया‎ की लगभग आधी आबादी इस टूर्नामेंट को‎ देखेगी। पहली नजर में यह लग सकता है कि ‎मनोरंजन की दुनिया पहले से कहीं अधिक‎ वैश्विक हो चुकी है और इसके केंद्र में अब भी‎ अमेरिका की सांस्कृतिक ताकत कायम है, लेकिन‎ हकीकत इससे अलग है।‎ वर्ल्ड कप और ओलिंपिक जैसे मेगा इवेंट‎ आज भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचते हैं, मगर मनोरंजन की व्यापक दुनिया लगातार स्थानीय ‎होती जा रही है। संगीत, टेलीविजन, सोशल ‎मीडिया और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में लोग तेजी से‎ अपने देशों और भाषाओं के कंटेंट को प्राथमिकता ‎दे रहे हैं। अमेरिकी कंटेंट का प्रभाव पूरी तरह खत्म‎ नहीं हुआ है, लेकिन उसका एकाधिकार कमजोर‎ पड़ रहा है। स्पोटिफाई, नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, एपल ‎और गूगल के ऐप स्टोर जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स‎ ने दुनिया भर के लोगों को एक जैसी सामग्री तक ‎पहुंच दी है। इससे टेलर स्विफ्ट, मिस्टर बीस्ट‎ और रॉब्लॉक्स जैसे अमेरिकी ब्रांड और सितारों ‎को अभूतपूर्व वैश्विक पहचान मिली। इसके ‎बावजूद स्थानीय पसंद लगातार मजबूत हो रही है।‎ फुटबॉल में लोग विश्व कप का इंतजार करते हैं,‎ लेकिन अधिकांश समय अपनी घरेलू लीग्स और ‎स्थानीय टीमों को ही देखते हैं।‎ यूट्यूब लगभग हर देश का कंटेंट उपलब्ध ‎कराता है, फिर भी उसके अधिकांश दर्शक ‎अपने देश की भाषा और संस्कृति से जुड़े ‎वीडियो ज्यादा देखते हैं। गेमिंग में भी यही रुझान ‎दिखाई देता है। कंसोल और पीसी गेमिंग में कुछ‎ वैश्विक फ्रेंचाइजी का दबदबा है, लेकिन‎मोबाइल गेमिंग कहीं अधिक विविध हो चुकी है। ‎दुनिया के पांच सबसे बड़े गेमिंग बाजारों में कोई ‎एक ऐप ऐसा नहीं है जो हर देश के टॉप-10 में‎ शामिल हो। विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्ट‎पावर का वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।‎लोकप्रिय संस्कृति पर अमेरिका का लगभग एक ‎सदी पुराना प्रभुत्व कमजोर हुआ है। वितरण‎ प्लेटफॉर्म्स पर उसका प्रभाव बना हुआ है,‎ लेकिन कंटेंट निर्माण में अब ब्राजील, दक्षिण‎ कोरिया और चीन जैसे देश तेजी से उभर रहे हैं।‎अगले महीने अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड कप ‎फाइनल पर दुनिया की नजर होगी, लेकिन‎ सांस्कृतिक प्रभाव के नए खेल में अब कई नए खिलाड़ी मैदान में उतर चुके हैं।‎ म्यूजिक स्ट्रीमिंग में स्थानीय गायक हावी हो रहे हैं‎ - डेनमार्क में 2025 में सबसे ज्यादा स्ट्रीम हुए‎म्यूजिक ट्रैक स्थानीय रहे। नार्वे, स्वीडन में भी ‎स्थानीय लोगों का बोलबाला है।‎ - पिछले वर्ष स्पोटिफाई के 50 ग्लोबल टॉप गानों‎में 16 भाषाओं के गाने शामिल थे। - ब्राजील में जून के पहले सप्ताह में यूट्यूब‎म्यूजिक पर टॉप-100 आर्टिस्ट ब्राजीलियन थे।‎ - पिछले साल थाइलैंड में सभी दस पॉपुलर गाने लोकल थे। इंडोनेशिया, फिलीपीन्स में यह संख्या‎ आठ-आठ रही।‎ - नाइजीरिया के टॉप दस गाने और दक्षिण अफ्रीका के नौ स्थानीय थे।‎ - भारत में म्यूजिक स्ट्रीमिंग में हिंदी संगीत का‎ हिस्सा कम हो रहा है। अब मलयालम और उड़िया ‎सहित कई अन्य स्थानीय भाषाओं में लोग ज्यादा‎ गाने सुन रहे हैं।‎ म्यूजिक चार्ट्स ज्यादा‎ स्थानीय हो रहे हैं‎ म्यूजिक चार्ट्स अब लोकल हो रहे हैं। ब्राजील‎ में पिछले सप्ताह सबसे ज्यादा स्ट्रीम किए गए‎ 100 कलाकारों में 96 स्थानीय थे। नेटफ्लिक्स ‎और अमेजन जैसी वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं ‎विदेशों में ज्यादा शो बना रही हैं। पिछले छह‎ साल में नए स्ट्रीमिंग कमीशन में उत्तर अमेरिका ‎का हिस्सा 70% से गिरकर 36% रह गया है।‎ अब स्थानीय भाषाओं में‎ ज्यादा बन रहे हैं टीवी शो‎ पिछले दो साल में सोनी म्यूजिक ने ग्रीस, चेक‎रिपब्लिक और दुबई में ऑफिस खोले हैं। वार्नर ‎ब्रदर्स ने इटली, जर्मनी और तुर्किये में लोकल शो‎ लॉन्च किए हैं। इस साल की पहली तिमाही में‎ ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के 36% शो उत्तर‎ अमेरिकी रहे। नेटफ्लिक्स ने पहली बार स्थानीय ‎भाषाओं में ज्यादा टीवी शो बनाए हैं।‎ भारत में कैरम सबसे‎ अधिक पॉपुलर खेल है‎ गेमिंग के 5 सबसे बड़े बाजारों अमेरिका, चीन,‎ जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया में कोई एक‎गेम टॉप-10 में शामिल नहीं है। उनके टॉप-10 में‎ 34 अलग टाइटल थे। भारत में टॉप-10 गेम में‎ कैरम सर्वाधिक पॉपुलर है। भारत में यूट्यूब का‎ 95% कंटेंट भारतीय भाषाओं में हैं। आधे से ‎ज्यादा कंटेंट हिंदी की जगह अन्य भाषाओं में है।‎