पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:जीवन के राजपथ पर सदैव निर्माण कार्य चलता रहता है

Jun 3, 2026 - 06:11
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:जीवन के राजपथ पर सदैव निर्माण कार्य चलता रहता है
हम निर्माणाधीन मार्ग पर जब गुजरते हैं तो कुछ साइन बोर्ड हमें बताते हैं कि यहां डायवर्शन है, मुड़ जाइए। एक बोर्ड भी लगा होता है- वर्क इन प्रोग्रेस। कभी-कभी तो चिढ़ भी होती है कि कैसी सड़क कर दी। फिर ध्यान आता है कुछ समय बाद बहुत अच्छी सड़क हो जाएगी, तभी तो निर्माण हो रहा है। जीवन के राजपथ पर भी सदैव निर्माण चलता रहता है। जो लोग ग्रोथ माइंडसेट के होते हैं, वो एक बात हमेशा समझाते रहते हैं खुद को कि हम सीख रहे हैं। जिस दिन हम यह मान लेते हैं कि हमने सीख लिया, यह गलतफहमी बड़ी महंगी पड़ती है। अंतिम सांस तक कुछ न कुछ सीखना है। अब इसके लिए एक सुंदर प्रयोग है। हम खुद से भी बहुत बातें करते हैं। अकेले में बैठे-बैठे सवाल-जवाब चलते हैं। तो एक प्रयास करिए कि हमारी जो निजी बातचीत होती है, उसकी भाषा बहुत मीठी हो। दूसरों के प्रति आदरपूर्ण हो। जब हम किसी और से बात करें और मन ही मन कर रहे हों तो खूब आदरपूर्ण करें। जो अपनी निजी बातचीत को, उसके शब्दों को गरिमामय बनाएगा, उसे जीवन भर सीखने में दुविधा नहीं होगी।