टीचर बच्चों को फिर से लिखना सिखा रहे‎:एआई के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों में कमजोर हो रही राइटिंग स्किल‎

May 5, 2026 - 18:00
टीचर बच्चों को फिर से लिखना सिखा रहे‎:एआई के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों में कमजोर हो रही राइटिंग स्किल‎
अमेरिका में छात्रों को घर पर निबंध या लंबा‎ लेखन कार्य देने की परंपरा बदल रही है। इसकी‎ वजह है एआई। बड़ी संख्या में छात्र अब होमवर्क ‎‎और लेखन से जुड़े काम के लिए एआई का‎ इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे शिक्षकों ने घर पर दिए ‎‎जाने वाले राइटिंग असाइनमेंट कम कर दिए हैं और ‎‎छात्रों पर कक्षा में लिखवाने पर जोर बढ़ा दिया है।‎ शिक्षकों का कहना है कि एआई के दौर में यह‎ पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है कि घर पर ‎लिखा गया काम वास्तव में छात्र ने किया है या‎ चैटबॉट ने। इसलिए कई संस्थानों ने लंबे राइटिंग ‎असाइनमेंट घर भेजना लगभग बंद कर दिया है।‎अब छात्रों से क्लासरूम में, शिक्षक की निगरानी में,‎ हाथ से या लैपटॉप पर लिखवाया जा रहा है। न्यूयॉर्क ‎टाइम्स द्वारा किए गए 400 हाई स्कूल और कॉलेज‎ शिक्षकों के सर्वे में लगभग सभी ने माना कि ‎जनरेटिव एआई ने उनके पढ़ाने और लेखन सिखाने ‎के तरीके को बदल दिया है। कई शिक्षकों ने अब‎ ऐसी राइटिंग पर जोर देना शुरू किया है जिसमें छात्र‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ की निजी प्रतिक्रिया, व्यक्तिगत सोच और क्लास में‎ पढ़ी सामग्री की समझ झलके, ऐसी चीजें जिन्हें‎ एआई से तैयार कराना कठिन माना जाता है। चैटबॉट्स अब किसी भी विषय पर सेकंडों में लेख‎ लिख सकते हैं, कानूनी फैसलों का विश्लेषण कर ‎सकते हैं। शिक्षक ऐसे कई उपयोगों को नकल की ‎श्रेणी में रखते हैं। एक और चिंता यह है कि आज के‎ किशोरों का पेन-पेंसिल से लिखने का अभ्यास ‎घटता जा रहा है, जिससे हैंडराइटिंग और बुनियादी‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ लेखन कौशल प्रभावित हो रहे हैं। न्यूयॉर्क सिटी के‎ जॉन जे हाईस्कूल की शिक्षिका जेसिका बिन्नी ने‎ अपना तरीका बदल दिया है। उन्होंने घर पर तीन से‎ पांच पेज के निबंध देने बंद कर दिए हैं। अब छात्र क्लास में ही निबंध लिखते हैं, अक्सर बंद ब्राउजर ‎वाले लैपटॉप पर। शिक्षकों का कहना है इस बदलाव‎ से उन्हें राहत मिली है। कई स्कूल और‎ विश्वविद्यालय फिर से कागज पर लिखवाने की ‎पद्धति अपना रहे हैं। चिंता - होमवर्क में एआई का इस्तेमाल साल भर में 14 प्रतिशत बढ़ा‎ पिछले साल से अमेरिकी छात्रों के बीच एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। मई और दिसंबर 2025 के ‎बीच नियमित रूप से होमवर्क में एआई का इस्तेमाल ‎करने वाले मिडिल स्कूल, हाईस्कूल और कॉलेज छात्रों‎ का प्रतिशत 48 से बढ़कर 62 हो गया। एक तिहाई ‎छात्रों ने तो कहा कि टेक्नोलॉजी से सीखने के हुनर को‎ नुकसान हुआ है। एक तिहाई छात्रों ने ड्राफ्ट करने या‎ दोबारा राइटिंग में एआई के उपयोग की जानकारी दी है।‎