पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:मानसिक सेहत पर चोट लगे तो रिश्तों पर काम करिए

Oct 15, 2026 - 08:00 - 20:00  321
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:मानसिक सेहत पर चोट लगे तो रिश्तों पर काम करिए
मानसिक सेहत को लेकर इन दिनों बहुत चिंता हो रही है। होनी भी चाहिए। हमारे देश में अब कम उम्र के बच्चों में भी मानसिक रोग के लक्षण दिखने लगे हैं। ऐसे में एक प्रयोग किया जाए। परिवार में विश्वसनीयता और एकजुट होने का एहसास जितना अधिक होगा, परिवार के सदस्यों की मानसिक सेहत उतनी ही अच्छी रहेगी। हम अपने परिवारों में ‘ग्रेटनेस’ ढूंढें, भले ही ‘वेल्थ’ बहुत अधिक हो या न हो। हमारे जीवन में छह रिश्ते ऐसे हैं, जिनके प्रति अत्यधिक समर्पित हों, विश्वसनीय बने रहें। माता, पिता, भाई, बहन, जीवनसाथी और मित्र- इन लोगों में सर्वश्रेष्ठ ढूंढें और उससे अपने-आप को जोड़े रहें। इन छहों में एक रिश्ता थोड़ा अलग है और वह है- बहन। आप पाएंगे कि आप अपनी बहन से सर्वाधिक सुविधाजनक हो सकते हैं, अन्य रिश्तों के मुकाबले। यह बहन का रिश्ता एक अलग ही स्वाद जीवन में देता है। मानसिक सेहत पर यदि चोट लगे तो भाई-बहन के रिश्ते पर खूब अच्छे-से काम करिए। आपकी मानसिक सेहत अपने-आप अच्छी हो जाएगी।