पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:नई पीढ़ी को बताएं संबंधों का हमारी संस्कृति में क्या अर्थ है

Oct 9, 2026 - 08:00 - 08:00  551
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:नई पीढ़ी को बताएं संबंधों का हमारी संस्कृति में क्या अर्थ है
कुछ बीमारियां ऐसी हैं, जिनके लक्षण दिखते नहीं। हेल्थ चेकअप की चर्चा इसीलिए होती है कि सावधान हो जाएं। इन दिनों एक चर्चा है स्पाउस-रिलेशनशिप हेल्थ की। यानी पति-पत्नी के संबंधों का स्वास्थ्य भी लगातार चेकअप-मोड में होना चाहिए। समझदार जोड़े अपने संबंधों के स्वास्थ्य का चेकअप करते रहते हैं। उसके प्रति सावधान, ईमानदार रहते हैं, क्योंकि यह रिश्ता एक-दूसरे के सपोर्ट सिस्टम पर चलता है। ज्यादातर पति-पत्नी शरीर और मन के सपोर्ट सिस्टम से जीते हैं। जबकि इसमें आत्मा का बहुत बड़ा रोल है। चूंकि जीवन शरीर से शुरू होकर शरीर पर खत्म हो जाता है, इसलिए तलाक की घटनाएं और बढ़ेंगी। हम तलाक को प्रोत्साहन न दें पर पूरा नकारें भी न। तलाकशुदा का समाज में आदर कम न हो। लेकिन विवाह और पति-पत्नी के संबंधों की जो व्याख्या भारतीय संस्कृति में हुई है, उसकी जानकारी अब नई पीढ़ी को भरपूर दी जाए। अन्यथा दुष्परिणाम आने वाले 10-15 साल में सामने आएंगे। तब तक देर हो जाएगी।