पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:निश्चित आयु में विवाह और निश्चित अवधि में संतान हों
आबादी को लेकर इस समय हमारे देश में कुछ समाज चिंतित हैं तो कुछ अलग ढंग से प्रयासरत हैं। माहेश्वरी समाज के कुछ जिम्मेदार लोगों ने पिछले दिनों मेरे सामने यह चिंता व्यक्त की कि हमारे समाज की आबादी घट रही है। हमारे पड़ोसी देश चीन में तो ‘न्यू एरा’ के नाम से एक अभियान चल रहा है, जिसमें युवाओं को विवाह का महत्व, सही समय पर विवाह करें, ऐसा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। और विवाह के पश्चात बच्चों का जन्म भी सही समय पर हो, इसके लिए बर्थ बोनस भी दिया जा रहा है। विचार करना चाहिए कि चीन ऐसा क्यों कर रहा है? तो हमें भी आबादी को लेकर एक ‘न्यू इरा’ की तरह अपने बच्चों को कम से कम यह समझाना चाहिए कि ऋषि-मुनियों ने जो सप्तपदी, विवाह के समय जो मंत्र आदि रचे हैं, उनके पीछे एक बड़ा उद्देश्य है। निश्चित आयु में विवाह करें और विवाह के पश्चात निश्चित अवधि में संतानों को जन्म दें। इन दोनों का यदि औसत बिगड़ा तो आने वाले समय में समाज इसकी बड़ी कीमत चुकाएगा।